CA फाइनल का रिजल्ट जारी हुआ। जिसमें पाली के कई युवाओं ने CA फाइनल एग्जाम क्लियर किया। परिवार और दोस्तों ने उनका मुंह मीठाकर कर बधाई दी। वही रिश्तेदार भी फोन कर बधाई देते रहे। दैनिक भास्कर से बातचीत में इन युवाओं ने अपनी पढ़ाई और CA बनने की यात्रा के बारे में बताया। परिवार में 15 लोग CA इसलिए, खुद का बिजनेस करना लक्ष्य पाली के जयनगर में रहने वाले 22 साल के मनन ने पहले ही प्रयास में CA फाइनल का एग्जाम क्लियर कर परिवार का नाम रोशन किया। मनन ने बताया कि उसके परिवार में बड़े पापा कुशल जिंदाणी सहित करीब 15 लोग सीए है। इसलिए उसे भी बचपन से ही ऐसा माहौल मिला और लक्ष्य सीए बनने का ही रखा। मैं खुशीनसीब हूं कि पहले ही प्रयास में सीए फाइनल क्लियर कर लिया। देश में 46वीं रैंक (427 अंक) हासिल की। पिता जय जिंदाणी केमिकल का बिजनेस करते है, मां संगीता देवी हाऊस वाइफ हैं। छोटी बहन छवि ने सीए इंटर का एग्जाम दिया है। वह भी आगे चलकर सीए बनना चाहती है। उन्होंने बताया- स्कूली और कॉलेज शिक्षा पाली से हुई। 10वीं में 92, 12वीं में 94.5 प्रतिशत अंक हासिल किए। वर्ष 2020 में सीए फाउंडेशन किया। वर्ष 2021 में सीए इंटर और वर्ष 2024 नवम्बर में सीए फाइनल का एग्जाम दिया। रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई करता था। रात के समय पढ़ाई नहीं करता था। सुबह तीन बजे उठना रूटीन में शामिल था। सुबह चार बजे से पढ़ाई करना शुरू करता था और रात नौ बजे तक सो जाता था। आगे चलकर खुद का बिजनेस मेरा लक्ष्य है। अमन बोले- जहां से स्कूली शिक्षा ली वहीं सीए का एग्जाम देकर हुआ पास पाली के VD नगर में रहने वाले अमन नाहटा ने बताया- पहले ही प्रयास CA फाइनल का एग्जाम क्लियर किया। 411 अंक मिले हैं। इस सफलता में परिवार के लोगों का खास योगदान रहा। शहर के लोढ़ा स्कूल से जहां से अपनी स्कूली शिक्षा ली उसी स्कूल में सीए फाइनल का एग्जाम देने के लिए सेंटर मिला और सफलता प्राप्त की। अमन ने बताया- 10वीं बेंगलुरु, 12वीं और बीकॉम पुणे से की। रोजाना 10-12 घंटे पढ़ाई करना रूटीन में शामिल रहा। पिता तरूण नाहटा बिजनेसमैन हैं और फैक्ट्री चलाते हैं। मां ममता हाउस वाइफ हैं। छोटी बहन अनुष्का ग्राफिक डिजाइनर है। आगे चलकर मैं अपने फैमेली बिजनेस को और ऊंचाईयों पर ले जाने का लक्ष्य रखता हूं। स्नेहा दादा का सपना पूरा करने बनी CA पाली शहर के नया हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले स्नेहा जैन ने भी पहले ही प्रयास में सीए फाइनल एग्जाम क्लियर कर अपने दादा सुभाष जैन का सपना साकार करने का काम किया। उन्हें 386 अंक मिले। स्नेहा ने बताया- रोजाना आठ से 10 घंटे पढ़ाई करती थी। पिता विकास जैन बिजनसमैन हैं और शहर में फैक्ट्री चलाते हैं। मां सीमा गृहणी हैं। दोनों से ही सपोर्ट हमेशा मिला। छोटी बहन प्रियांशी लॉ की पढ़ाई कर रही है। मैंने 10वीं-12वीं की पढ़ाई पाली में पूरी की और बीकॉम मुम्बई के एचआर कॉलेज से किया। कृति-बोली रोजाना आठ घंटे पढ़ाई की तब मिली सफलता पाली के पुराना हाउसिंग बोर्ड में रहने वाली कृति ने भी पहले ही प्रयास में सीए फाइनल क्लीयर किया। उन्हें 330 अंक मिले। उन्होंने बताया- रोजाना आठ घंटे पढ़ाई करती थी। स्कूली शिक्षा पाली में हुई और गर्ल्स कॉलेज से बीकॉम 2020 में क्लियर करने के बाद सीए फाइनल किया। मेरे पिता राजेश असावा एलआईसी में सहायक प्रशासनिक अधिकारी हैं और मां रेखा हाउस वाइफ हैं। बड़ी बहन रानू और भाई लव सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। मेरा शुरू से ही सपना था कि कॉर्पोरेट जगत में अपने काम के जरिए अच्छी पहचान बनाऊं। दादा-दादी भरतकुमार-जमना देवी का भी सफलता में खासा योगदान दिया। नवीन भी पहले प्रयास में बने CA पाली शहर के पुराना हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में रहने वाले नवीन पंवार भी पहले प्रयास में सीए फाइनल की परीक्षा पास करने में कामयाब रहे। उन्हें 321 अंक मिले। उन्होंने बताया- रोजाना सात-आठ घंटे पढ़ाई करना दिनचर्या में शामिल रहा। पिता सोहनलाल पंवार पाली के कलेक्ट्रेट परिसर में बने प्रौद्यौगिकी और संचार विभाग में सूचना सहायक के पद पर कार्यरत हैं। मां मंजूदेवी गृहणी हैं। बहन दिव्या BCA के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन कर चुकी है। बड़ी बहन का भी सफलता में योगदान रहा। मेरी स्कूली शिक्षा पाली से हुई और बिना किसी कोचिंग के पहले ही प्रयास में सीए का एग्जाम क्लियर किया। दादा-पिता के बाद अब बेटी भी बनी CA पाली शहर के बीकानेरिया बास में रहने वाली कनिष्का तोषनीवाल ने पहले ही प्रयास में सीए फाइनल का एग्जाम क्लियर किया। उन्हें 320 अंक हासिल किए। खास बात यह है कि कनिष्का के दादा गंगाविशन तोषनीवाल और पिता नरेंद्र तोषनीवाल भी CA हैं और अब तीसरी पीढ़ी की कनिष्का ने भी सीए बनकर परिवार का नाम रोशन किया है। कनिष्का ने बताया- शहर के बाईसी बाजार में पिता और दादा सीए फर्म चलाते हैं। घर में शुरू से ही ऐसा माहौल रहा कि सीए बनने का लक्ष्य बचपन से ही निर्धारित कर लिया था। मां अल्का देवी हाउस वाइफ हैं। हम तीन भाई-बहन हैं। बड़ी बहन श्रेया ने MBA किया और छोटा भाई पार्थ अभी 12वीं में पढ़ रहा है। मेरी स्कूली और कॉलेज शिक्षा पाली में हुई है। रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई करना रूटीन में शामिल रहा। यह भी पढ़े – *पाली के सिद्धार्थ ने CA फाइनल किया क्लियर:* बोले- पढ़ाई की टेंशन हावी नहीं होने दी; दोस्तों से मिलकर, वीडियो गेम खेलकर खुद को रखा रिफ्रेश


