छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा के जनरल स्टडी के प्रश्नपत्र में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, साहित्य और इतिहास से संबंधित कई प्रश्न पूछे गए। इनमें पद्मश्री श्यामलाल चतुर्वेदी के काव्य संग्रह ‘पर्रा भर लाई’, पं. लोचन प्रसाद पांडेय के लेखों, उरांव जनजाति के सरहुल त्यौहार, खारून नदी और मल्हार के बीस दुअरिया मंदिर जैसे विषय शामिल थे। यह परीक्षा 238 पदों के लिए बिलासपुर और आसपास के 66 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई। परीक्षार्थियों के अनुसार, सीजीपीएससी परीक्षा का पहला प्रश्नपत्र अपेक्षाकृत सरल था। हालांकि, 200 अंकों के इस प्रश्नपत्र में औद्योगिक क्षेत्र से सर्वाधिक प्रश्न पूछे गए थे। आयोग के सख्त निर्देशों से अभ्यर्थी परेशान आयोग द्वारा जारी सख्त दिशा-निर्देशों के कारण परीक्षार्थियों को कुछ असुविधा हुई। इन नियमों में ड्रेस कोड, प्रवेश से पहले मेटल डिटेक्टर से जांच, मैनुअल फ्रिस्किंग और प्रवेश पत्र दिखाते हुए वीडियो कैप्चर कराना शामिल था। जनरल स्टडी के प्रश्नपत्र में अंचल की कला, संस्कृति, पुरातत्व, इतिहास और बजट योजनाओं से जुड़े सवालों के साथ-साथ ‘रायपुर षड्यंत्र केस’ की योजना से संबंधित प्रश्न भी शामिल थे। छत्तीसगढ़ी में चंद्रमा की स्थिति पर प्रचलित हाना ‘छरका गरू छरत जाए, करिया गरु सूतत जाए’ भी पूछा गया, जिसने परीक्षार्थियों का ध्यान खींचा। अन्य रोचक प्रश्नों में कन्हार के कोठली जलप्रपात, मल्हार के बीस दुअरिया मंदिर, बेगार प्रथा के खिलाफ छत्तीसगढ़ में हुआ पहला आंदोलन, उरांव जाति का सरहुल त्यौहार, घोटुल के सामूहिक मनोरंजन गीत कक्सार और मराठा शासनकाल में हलों की संख्या के आधार पर प्रचलित कर प्रणाली आदि पर आधारित सवाल थे। जानिए किन पदों के लिए हुई परीक्षा सीजीपीएससी की परीक्षा कुल 238 पदों के लिए आयोजित की गई, जिसमें डिप्टी कलेक्टर के 14 पद भी शामिल हैं। अन्य पदों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी के 18 पद, छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी के 15 पद, राज्य कर निरीक्षक के 16 पद, उप पंजीयक के 12 पद, आबकारी उप निरीक्षक के 11 पद और राज्य कर सहायक आयुक्त के 10 पद हैं। इसके अलावा नायब तहसीलदार के 51 पद, मुख्य नगर पालिका अधिकारी (कक्षा ग) के 29 पद और राज्य पुलिस सेवा (उप पुलिस अधीक्षक) के 28 पद भी शामिल हैं।


