देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी का दीक्षांत समारोह 17 फरवरी को आयोजित किया जाएगा। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यपाल मंगु भाई पटेल होंगे। इस बार दीक्षांत समारोह को समयबद्ध और संक्षिप्त रखते हुए केवल सवा से डेढ़ घंटे में संपन्न करने की योजना बनाई गई है, जिसके तहत सभी मेडल और डिग्रियों का वितरण इसी समयावधि में किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 11.30 बजे शुरू होगा। इस मौके पर राज्यपाल परिसर में ही एनीमिया जागरूकता कार्यक्रम रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके पूर्व सोमवार को समारोह के पूर्व हुई रिहर्सल की गई। 213 मेडल और 221 पीएचडी डिग्रियां दी जाएंगी
समारोह में कुल 213 मेडल और 221 पीएचडी डिग्रियां प्रदान की जाएंगी। यह दीक्षांत समारोह विशेष इसलिए भी है, क्योंकि इसमें शैक्षणिक सत्र 2023-24 और 2024-25 दोनों का दीक्षांत एक साथ आयोजित किया जा रहा है। पीएचडी डिग्री प्राप्त करने वाले शोधार्थियों में महिलाओं की संख्या अधिक है। ग्रुप में बुलाए जाएंगे शोधार्थी और मेडलिस्ट
कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रखने के लिए शोधार्थियों को 6-6 के समूह में मंच पर आमंत्रित किया जाएगा, जबकि मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को 2-2 के समूह में बुलाया जाएगा। पीएचडी डिग्री के लिए 221 शोधार्थी समारोह में शामिल होंगे, वहीं 121 विद्यार्थी मेडल प्राप्त करेंगे, जिनमें 90 से अधिक छात्राएं हैं। दो डीलिट उपाधियों से समारोह की शुरुआत
दीक्षांत समारोह की शुरुआत दो डीलिट (Doctor of Literature) उपाधियों के वितरण से होगी। इस वर्ष अंग्रेजी विषय में यह उपाधि शासकीय कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अशोक सचदेवा और सीनियर प्रोफेसर डॉ. मनीषा शर्मा पांडेय को प्रदान की जाएगी। इसके बाद 192 गोल्ड मेडल और 21 सिल्वर मेडल वितरित किए जाएंगे। विवि से अब तक कुल 20 डीलिट उपाधियां प्रदान की जा चुकी हैं। कई को मिलेंगे एक से अधिक मेडल
इस वर्ष का दीक्षांत समारोह स्टूडेंट्स की उपलब्धियों के लिहाज से भी खास रहेगा। सागर की छात्रा साक्षी जैन को 6 मेडल और झाबुआ की भव्या त्रिपाठी को 5 मेडल प्रदान किए जाएंगे। वहीं, 25 से अधिक विद्यार्थियों को 2 से 4 मेडल मिलेंगे। अभिभावकों की भी रहेगी सहभागिता
इस बार समारोह में स्टूडेंट्स के साथ उनके अभिभावकों को भी आमंत्रित किया गया है, जिससे विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव पूरे सम्मान और गरिमा के साथ मनाया जा सके। दीक्षांत समारोह की हुई रिहर्सल
सोमवार को कुलपति प्रोफेसर राकेश सिंघई और रजिस्ट्रार प्रज्जवल खरे के नेतृत्व में यह रिहर्सल की गई। दीक्षांत समारोह के मौके पर निकाला जाने वाला प्रोसेशन भी ऑडिटोरियम के नीचे से निकाला गया। इस प्रोसेशन के माध्यम से अतिथियों को सभागार के मंच पर ले जाया गया। इसके बाद पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को एक बार में 6 विद्यार्थी को बुलाकर मंच पर उनका समूह चित्र लिया गया। वर्ष 2023-2024, 2024-2025 के 2 डीलिट व 200 से ज्यादा पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ ग्रुप फोटो उतारा जाएगा।


