DCP बोले- 15 साल में ट्रैफिक 10 गुना बढ़ा:भोपाल में सड़क सुरक्षा पर मंथन; तेज गति, ओवरटेकिंग और लापरवाही हादसे के कारण

15 सालों में भोपाल का ट्रैफिक लगभग 10 गुना बढ़ गया है। जबकि सड़कों का विस्तार उसी अनुपात में नहीं हुआ। यह स्थिति यातायात प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती है। जागरूकता ही सुरक्षा का मूल मंत्र है। नागरिकों के सहयोग से ही दुर्घटनाएं कम की जा सकती हैं। यह कहना है यातायात डीसीपी जितेंद्र सिंह पंवार का। वे भोपाल स्मारक अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र (BMHRC) में सोमवार को सड़क सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता विषय पर कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला का उद्देश्य अस्पताल के कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना तथा सुरक्षित यातायात व्यवहार को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएमएचआरसी की प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में एसीपी (यातायात) देवेंद्र सिंह यादव मौजूद रहे। सड़क दुर्घटनाएं सबसे बड़ी चिंता डीसीपी पंवार ने कहा कि भारत में सर्वाधिक मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण होती हैं। इसके पीछे यातायात नियमों की अनदेखी और जागरूकता का अभाव प्रमुख कारण है। उन्होंने बताया कि यातायात पुलिस स्कूलों, कॉलेजों और विभिन्न संस्थानों में लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहरों में जनसंख्या और वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन सड़क ढांचा उतनी गति से विकसित नहीं हुआ। ऐसे में नागरिकों का अनुशासित व्यवहार ही दुर्घटनाओं को कम कर सकता है। युवाओं पर अधिक खतरा एसीपी देवेंद्र सिंह यादव ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वालों में लगभग 90 प्रतिशत लोग 20 से 45 वर्ष आयु वर्ग के होते हैं। तेज गति, खतरनाक ओवरटेकिंग और लापरवाही से वाहन चलाना दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने सलाह दी कि वाहन चलाने से पहले टायरों की हवा और ब्रेक की स्थिति की जांच अवश्य करें। सड़क पर वाहन चलाते समय अहंकार नहीं, बल्कि संयम और धैर्य जरूरी है। छोटी-सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। राहवीर योजना की दी गई जानकारी कार्यक्रम में राह वीर योजना की भी जानकारी दी गई। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद कर अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को 25 हजार रुपए का प्रोत्साहन दिया जाता है। अधिकारियों ने कहा कि किसी घायल की सहायता करने में कानूनी कार्रवाई का भय नहीं होना चाहिए, बल्कि मानवीय संवेदना के साथ आगे आना चाहिए। डॉक्टर से पुलिस तक कार्यक्रम में शामिल प्रभारी निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने कहा कि यातायात नियम नागरिकों की सुरक्षा के लिए बनाए हैं और उनका पालन करना हम सभी की जिम्मेदारी है। बीएमएचआरसी के कर्मचारियों और विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग यादव, सुरक्षा अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल (सेवानिवृत्त) राहुल तिवारी, निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा और यातायात प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के प्रभारी गिरीश सारस्वत सहित आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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