झुंझुनूं के पॉक्सो कोर्ट ने एक सनसनीखेज मामले में 15 वर्षीय नाबालिग से बलात्कार के आरोपी को 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 71 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता छह महीने की गर्भवती पाई गई। डीएनए जांच में बच्चे के पिता के रूप में आरोपी की पुष्टि होने के बाद कोर्ट ने इस रिपोर्ट को सबसे महत्वपूर्ण सबूत मानते हुए यह फैसला सुनाया। मंदिर में सेवा करने वाले युवक ने पहाड़ियों में किया दुष्कर्म मामले के विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह भाम्बू ने बताया कि उदयपुरवाटी थाने में 15 फरवरी 2023 को पीड़िता के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि फूलचंद जोगी नामक युवक उदयपुरवाटी के मनसा माता मंदिर में श्रद्धालुओं की सेवा करता था और पीड़िता भी अक्सर मंदिर आती-जाती थी। आरोप है कि खोह निवासी फूलचंद जोगी ने करीब 5-6 महीने पहले पीड़िता को पहाड़ियों में ले जाकर उसके साथ बलात्कार किया। धमकी के कारण पीड़िता ने छुपाया सच, पेट बढ़ने पर हुआ खुलासा पीड़िता ने डर के कारण किसी को भी इस घटना के बारे में नहीं बताया क्योंकि आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। जब पीड़िता का पेट बढ़ने लगा तो परिजनों ने उसे नीमकाथाना में डॉक्टर को दिखाया, जहां उसकी गर्भावस्था की जानकारी मिली। इसके बाद जब परिजनों ने बच्ची से पूछताछ की, तब उसने आपबीती सुनाई। पुलिस ने तत्परता से की कार्रवाई, DNA ने खोला राज पुलिस ने शिकायत मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी फूलचंद जोगी को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पॉक्सो एक्ट और SC/ST एक्ट की धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की। इस बीच दुष्कर्म पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया। बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया गया, जो आरोपी के डीएनए से पूरी तरह मेल खा गया। कोर्ट ने DNA रिपोर्ट को माना निर्णायक, 17 गवाहों के बयान दर्ज कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट को सबसे महत्वपूर्ण आधार माना। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए और कुल 46 दस्तावेज प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज इसरार खोखर ने आरोपी फूलचंद जोगी को दोषी ठहराते हुए अलग-अलग धाराओं में 20 साल की सजा और 71 हजार रुपए के जुर्माने का आदेश दिया।


