छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदू से ED ने सोमवार को फिर से पूछताछ की। यह पूछताछ करीब 3 घंटे चली। गैदू के मुताबिक उनसे इस बार कोई पर्सनल सवाल नहीं किया गया। वे पहले से तैयार 7 पन्नों के जवाब लेकर पहुंचे थे। और इसी से जुड़ी जानकारियां पूछी गई। ED दफ्तर में बुलाए जाने पर भूपेश बघेल ने कहा कि ED मलकीत सिंह गैदू को सर्टिफिकेट दे रहे हैं। इस बार ED ने 3 प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी मांगी: बाहर कांग्रेस का प्रदर्शन जहां एक ओर ED कांग्रेस भवन निर्माण को लेकर गैदू से सवाल कर रही थी, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता ED दफ्तर के बाहर राजीव गांधी चौक पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, देश के इतिहास में पहली बार किसी राजनीतिक दल के दफ्तर में ED पहुंची है। बीजेपी सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। विपक्षी नेताओं को डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी। भूपेश बघेल ने कहा कांग्रेस को बदनाम करना ED का मकसद पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने ED की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, ED का मकसद सिर्फ जानकारी लेना नहीं, बल्कि संगठन महामंत्री को परेशान करना और कांग्रेस को बदनाम करना है। ED अब बीजेपी के इशारे पर काम कर रही है। जहां बीजेपी नेता कहते हैं, वहीं छापे पड़ते हैं। जो बीजेपी में शामिल हो जाता है, उसे छोड़ दिया जाता है। उन्होंने आगे कहा, पहले अगर कोई कॉन्स्टेबल किसी घर जाता था, तो पूरे मोहल्ले में चर्चा होती थी। अब ED के जाने की भी चर्चा नहीं होती, क्योंकि जनता समझ चुकी है कि ये कार्रवाई किसे बदनाम करने और किसे बचाने के लिए की जा रही है। 27 फरवरी को 8 घंटे हुई थी पूछताछ ED ने 27 फरवरी को भी मलकीत सिंह गैदू से करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। तब कांग्रेस भवन निर्माण से जुड़े 4 अहम बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई थी। गैदू 33 पन्नों में जवाब तैयार करके पहुंचे थे। ED ने तब ये सवाल पूछे थे:


