EO-RO पेपर लीक केस में एसओजी ने तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। इसमें चीटिंग करवाने के मामले में पकड़े गए दो सरकारी कर्मचारी है। एग्जाम पास करवाने के लिए उन्होंने अपने तीसरे साथी की मदद की थी। एसओजी टीम ने तीनों आरोपियों को शुक्रवार कोर्ट में पेश कर चार दिन का रिमांड लिया है। एसओजी टीम तीनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एडीजी (एटीएस व एसओजी) वीके सिंह ने बताया- आरोपी दीपक प्रजापत (24) पुत्र मुरलीधर निवासी कुचेरा नागौर, रामप्रकाश (26) पुत्र राधाकिशन निवासी कुचेरा नागौर और विकेश कुमार मान (28) पुत्र सोहन लाल निवासी लुणकरणसर बीकानेर को गिरफ्तार किया है। आरोपी रामप्रकाश उदयपुर जिले के कोर्ट क्रम संख्या-2 में एलडीसी ग्रेड सेकेंड और विकेश कुमार मान डीजे कोर्ट जालोर में लिपिक ग्रेड सेकेंड के पद पर कार्यरत है। ईओ/आरओ भर्ती परीक्षा-2022 में आरोपी दीपक प्रजापत ने ब्लूटूथ से चीटिंग कर एग्जाम पास की थी। आरोपी रामप्रकाश और विकेश कुमार ने ब्लूटूथ से चीटिंग करवाने में मोबाइल सिमकार्ड उपलब्ध करवाए। दिसंबर 2023 में पात्रता की जांच हुई थी RPSC की ओर से 14 मई-2023 को राजस्व अधिकारी (RO) सेकेड ग्रेड और अधिशाषी अधिकारी (EO) चतुर्थ लेवल भर्ती परीक्षा-2022 का आयोजन हुआ था। प्रदेश में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर दो पारियों में यह परीक्षा करवाई गई थी। लिखित परीक्षा के आधार पर चयनित 111 अभ्यर्थियों को 11 दिसंबर से 13 दिसंबर-2023 के बीच RPSC की ओर से काउंसलिंग के माध्यम के लिए बुलाया गया था। इस दौरान आरपीएससी अधिकारियों ने पात्रता जांच शुरू की। इसमें कुछ अभ्यर्थियों के डाक्युमेंट और काउंसिलिंग के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर शक हुआ था। ब्लूटूथ के जरिए नकल करवाई गई थी एग्जाम में मास्टर माइंड पोरव कालेर व तुलछाराम कालेर की ओर से कैंडिडेट्स को ब्लुटूथ डिवाइस के जरिए नकल करवाई गई थी। साल-2024 में एसओजी की ओर से अनुसंधान कर 23 व्यक्तियों को अरेस्ट किया जा चुका है। किस जिले में कितनी टीमें भेजी, कितने संदिग्ध पकड़े


