राजस्थान पुलिस अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिसिंग को और अधिक आधुनिक व तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में दो महत्वपूर्ण पहलों ई-विजिटर्स पोर्टल और ई-जीरो एफआईआर सिस्टम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘राजस्थान पुलिस प्राथमिकता 2026’ पुस्तक का भी विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए ई4सी (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के सहयोग से ई-जीरो एफआईआर सिस्टम शुरू किया गया है। इसके तहत 10 लाख रुपए से अधिक की साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें 1039 हेल्पलाइन नंबर या NCRB पोर्टल के माध्यम से दर्ज होते ही स्वतः एफआईआर में परिवर्तित हो जाएंगी। इससे पीड़ितों को थाने जाने की परेशानी नहीं होगी और उन्हें त्वरित न्याय मिलने की संभावना बढ़ेगी। सीएम बोले—बदलते समय के साथ पुलिसिंग का आधुनिकीकरण जरूरी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समय के साथ पुलिस व्यवस्था को भी आधुनिक बनाना आवश्यक है, ताकि आम नागरिकों को अधिक सुरक्षित और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय पुलिस सम्मेलन कानून-व्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की भविष्य की रणनीति तय करने का महत्वपूर्ण मंच है। राजस्थान की भौगोलिक चुनौतियों पर भी चर्चा मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सम्मेलनों का उद्देश्य देश और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर मंथन कर आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान ऐसा प्रदेश है, जहां अंतरराष्ट्रीय सीमा सबसे अधिक है और साथ ही पांच अन्य राज्यों की सीमाएं भी लगती हैं, जिससे सुरक्षा चुनौतियां और बढ़ जाती हैं। किसी भी राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कानून-व्यवस्था की अहम भूमिका होती है। सीएम का दावा- 2 वर्षों में कानून-व्यवस्था में सुधार मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि अपराध की प्रकृति बदल रही है और कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जो पहले कभी नहीं हुए। ऐसे मामलों से निपटने के लिए पुलिस को निरंतर तैयार रहना होगा। सरकार पुलिसिंग को बेहतर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। अपराध के आंकड़ों में कमी का दावा सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया कि प्रदेश में महिला अत्याचार के मामलों में 10 प्रतिशत, लूट की घटनाओं में 50 प्रतिशत और हत्या के मामलों में 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि अपराध में कमी आई है, लेकिन इसे और बेहतर करने की आवश्यकता है। नशे के कारोबार, गैंगस्टर गतिविधियों और साइबर अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाना सरकार की प्राथमिकता है। आसूचना तंत्र मजबूत करने पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के पास हर तरह की समस्या आती है, इसलिए आसूचना तंत्र को मजबूत करना और जनता में भरोसा पैदा करना बेहद जरूरी है। हर व्यक्ति को यह विश्वास दिलाना होगा कि पुलिस उसके साथ खड़ी है और उसे न्याय मिलेगा। कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद सम्मेलन में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत सहित प्रदेशभर से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, सभी रेंज के आईजी, जिला पुलिस अधीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। ‘विकसित भारत में पुलिसिंग’ विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन ‘विकसित भारत में पुलिसिंग’ विषय पर यह राज्य स्तरीय सम्मेलन 8 और 9 जनवरी को राजस्थान पुलिस अकादमी परिसर में आयोजित किया जा रहा है। अकादमी के निदेशक एवं अतिरिक्त महानिदेशक संजीव कुमार नार्जरी ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए राज्य की पुलिस व्यवस्था को अधिक सक्षम, आधुनिक और प्रभावी बनाना है। दो दिन में होंगे 10 सत्र सम्मेलन के दौरान कुल 10 सत्रों का आयोजन किया जाएगा। पहले दिन साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियां, पुलिस थानों के सुदृढ़ीकरण, 60वें डीजी/आईजी राष्ट्रीय सम्मेलन की डीब्रीफिंग, पुलिसिंग रोडमैप विजन 2047 और वैश्विक काउंटर टेररिज्म से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।


