GIS सर्वे:40 हजार से ज्यादा संपत्तियां मिली बिना नामांकन, 22 हजार का 7 करोड़ वर्गफीट बढ़ा दायरा

जियो ग्राफिक्स इंफॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) सर्वे निरंतर चल रहा है। 66 वार्डों के सर्वे में 24 वार्डों का सर्वे पूरा हो चुका है। अभी तक 40 हजार से ज्यादा नई संपत्तियां बिना नामांकन के है। इनका नगर निगम के संपत्ति कर विभाग में नामांकन नहीं है। वहीं, संपत्ति कर देने वाले मालिकों की संपत्ति का जीआईएस सर्वे के बाद दायरा भी बढ़ा मिला है। ऐसे 22,332 संपत्तियां बढ़े दायरे में सामने आई हैं। इनके भूखंड का दायरा 7.07 करोड़ वर्गफीट बढ़ा पाया गया है। अभी सर्वे चल रहा है और ग्राफ में निरंतर बढ़ोत्तरी आगे भी होगी। इस बीच नगर निगम ने जहां-जहां वार्डों में सर्वे पूरा हो गया है। वहां के लोगों को दावे-आपत्तियों के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं। पहली बार शुरूआत वार्ड-24 में की जा रही है। दावे-आपत्ति के पत्र में 15 दिन का समय संपत्ति मालिकों को दिया जाएगा, यदि वे नहीं आते हैं, तो सर्वे की नपाई को ही फाइनल मानकर संपत्ति कर की वसूली की जाएगी। सर्वे से खासतौर पर उन टीसी की गड़बड़ी उजागर हो रही है, जो ग्राउंड लेवल पर न जाकर संपत्ति कर की वसूल नहीं करते हैं। लेट चल रहा सर्वे, दिसंबर का दिया समय निगम ने जीआईएस सर्वे कराने की जिम्मेदारी हैदराबाद की सैटा सर्विसेज एंड सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को दी है। कंपनी ने जून 2023 में 66 वार्डों में सर्वे का काम शुरू करना था। ऐसा नहीं हो सका है। अभी सिर्फ 24 वार्ड पूरे हुए हैं। हालांकि निगम ने दिसंबर 2025 तक का वक्त और बढ़ा दिया है। निगम के जानकारों का कहना है कि जो कंपनी दो साल में 50% वार्डों में सर्वे पूरा नहीं कर पाई है। वह दो महीने में शेष 36 वार्डों में कैसे पूरा करेगी? नई संपत्तियों में से 5265 दर्ज हुईं निगम को जीआईएस सर्वे से फायदा मिलने लगा है। 45895 नई संपत्तियां बिना नामांकन के मिली थीं। उनमें से निगम के कर संग्राहकों ने 5265 संपत्तियों का नामांकन कर लिया है। इससे भविष्य में निगम की आय बढ़ेगी। वहीं निगम के नगरीय क्षेत्र में 3,20,296 संपत्तियां कागजों में दर्ज है। जीआईएस सर्वे के दौरान 36,938 डुप्लीकेट के रूप में सामने आई है। इनकी संख्या दायरा भी बढ़ रहा है। क्योंकि 36 वार्डों में सर्वे का काम बकाया है। एक नजर में अभी तक का सर्वे संपत्ति कर के लिए निगम यह कर रही है कार्य नगर निगम ग्वालियर संपत्तिकर का दायरा बढ़ाने के लिए जहां एक ओर से निजी कंपनी से सर्वे कार्य कर रही है। वहीं कर संग्राहकों की हर महीने मीटिंग लेकर ज्यादा से ज्यादा संपत्ति कर वसूली का लक्ष्य दे रही है। इसके अलावा संपत्ति कर में होने वाली गड़बड़ी को देखते हुए अधिका​रियों की एक टीम भी बना दी है। जो बड़ी संपत्ति का निरीक्षण करती है।

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