IAS की तरह राज्य सेवा के अधिकारियों को विदेश में ट्रेनिंग, कर्मचारी की मौत पर अब पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति

राज्य सरकार ने अपने बजट में राज्य कर्मचारियों, महिला कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए बड़े प्रावधान किए हैं। सरकारी कर्मचारी की मौत पर उसकी पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति मिल सकेगी। साथ ही कर्मचारी के सरकारी नौकरी में रहते समय स्थायी दिव्यांग हो जाती है और वह नौकरी करने में असमर्थ है तो आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति मिलेगी। ज्वाइन करने के बाद भी यदि एक साल में कोई इस्तीफा देता है तो उसके स्थान पर वेटिंग जारी की जाएगी। यानि युवाओं को बड़ा फायदा मिलेगा। वहीं, आईएएस की तर्ज पर राज्य सेवा के अधिकारियों को भी विदेश में ट्रेनिंग की सुविधा दी जाएगी। इससे अधिकारी कर्मयोगी की भावना से रुल बेस्ड से रोल बेस्ड कार्यशैली की ओर अग्रसर होंगे। सरकार एवं सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों के समग्र कल्याण के लिए सेलेरी अकाउंट पैकेज लाया जाएगा। इसमें सेलेरी अकाउंट के साथ एडवांस्ड बैंकिंग सुविधाएं, रियायती दर पर लोन एवं बीमा इत्यादि सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। यह सुविधा 70साल तक की उम्र के पेंशनर्स को भी दी जाएगी। राजकीय कार्यालयों में महिला कार्मिकों को तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे में कार्यालय समय में उनके छह माह से 6 वर्ष के बच्चों की देखभाल के लिए मुख्यमंत्री शिशु वात्सल्य सदन खोले जाएंगे। एकल महिला को चाइल्ड केयर लीव अब छह चरणों में वर्तमान में महिला कर्मचारियों को एक कलेंडर वर्ष में चाइल्ड केयर लिव अधिकतम 3 चरण में देने का प्रावधान है। एकल महिला कर्मचारी की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अब उनके लिए यह अवकाश छह चरणों में किया जाना प्रस्तावित किया है। सेरोगेसी से मातृत्व प्राप्त करने वाली महिला कर्मचारियों को राहत दी। सेरोगेट मदर को 180 दिन और कमिशनिंग मदर को 90 दिन का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। रिक्त पदों को भरने में अभ्यर्थियों को अवसर राज्य सरकार ने सरकारी विभागों में रिक्त पदों को शीघ्रता से भरने एवं प्रतीक्षा सूची के अथ्यर्थियों को बड़े अवसर दिए गए हैं। इसके तहत किसी पद पर अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थी की कार्यग्रहण के पश्चात एक साल की अवधि में सेवा के परित्याग, मृत्यु या पदच्युत होने की स्थिति में उस पद के विरुद्ध वर्गवार प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों से चयन किए जाने के संबंध में प्रावधान किए जाएंगे। पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति: मृत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति के लिए पात्र आश्रितों की सूची में मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्र वधू को भी शामिल किया जाएगा। वर्तमान में किसी राजकीय कर्मचारी के ड्यूटी पर रहते हुए दुर्घटना में परमानेंट डिस्सेबिलिटी होने पर उसके पात्र आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान है। अब कर्मचारी को ऐसी डिस्सेबिलिटी कारित होने पर उसके पात्र आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। हालांकि, वह राज कार्य में सक्षम नहीं रहता है तो ही। एक बार प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा: राज्य सरकार ने पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले विशेष योग्यजन बच्चों को राहत देते हुए तीन वर्ष में परमानेंट डिस्सेबिलिटी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। अब सिर्फ एक बार प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। वहीं, पेंशनरों को नियमित पेंशन भुगतान के लिए नियमों में सरलीकरण किया गया है। मोबाइल एप द्वारा फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोनॉजि के माध्यम से राज्य के पेंशनर्स द्वारा स्वयं के वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की सुविधा प्राधान की जाएगी।

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