इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबलों से पहले जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम इस बार पूरी तरह नए रूप में नजर आएगा। राजस्थान सरकार के खेल विभाग के सचिव नीरज कुमार पवन ने बताया- राज्य सरकार करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से स्टेडियम का रिनोवेशन करवा रही है। ग्राउंड से लेकर फ्लड लाइट, पवेलियन से लेकर स्टैंड और बिजली व्यवस्था तक हर स्तर पर सुधार किया जा रहा है। ताकि खिलाड़ियों के साथ स्टेडियम में मैच देखने वाले दर्शकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम का एहसास हो सके। 18 हजार कुर्सियां सही होंगी नीरज कुमार पवन ने बताया- स्टेडियम में लगी करीब 18 हजार कुर्सियों में जो भी टूटी हुई हैं, उन्हें बदला जा रहा है। इसके अलावा 4 हजार नई कुर्सियां भी मंगवाई गई हैं। ताकि दर्शकों की बैठने की व्यवस्था बेहतर हो सके। स्टेडियम के अलग – अलग हिस्सों में जहां टूट-फूट थी, उसे ठीक किया जा रहा है। पूरे स्टेडियम में नए सिरे से पेंटिंग का काम चल रहा है। ऐसे में इस बार इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबलों के दौरान पूरा स्टेडियम गुलाबी रंग में नजर आएगा। खुले तार अंडरग्राउंड, इलेक्ट्रिसिटी रूम ग्राउंड फ्लोर पर उन्होंने बताया कि सवाई मानसिंह स्टेडियम में दर्शकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में बिजली के खुले तार और बॉक्स को कवर किया जा रहा है। वहीं, साउथ पवेलियन के फर्स्ट फ्लोर पर बने इलेक्ट्रिसिटी रूम को अब ग्राउंड फ्लोर पर शिफ्ट किया जा रहा है। ताकि किसी भी आपात स्थिति में जोखिम को कम किया जा सके। उन्होंने बताया- सवाई मानसिंह स्टेडियम परिसर में पिछले कई सालों से जमा कबाड़ को भी हटाया गया है। करीब 7 से 8 टन कबाड़ निस्तारित कर सरकार ने राजस्व भी हासिल किया है। 35 हजार किलो वजन से लोड टेस्ट खेल सचिव ने बताया- इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबलों से पहले स्टेडियम की संरचनात्मक मजबूती जांचने के लिए लोड टेस्ट किया जा रहा है। स्टेडियम के अलग-अलग हिस्सों में 35 हजार किलो वजन रखकर मौजूदा स्थिति का आकलन किया गया है। ताकि मैच के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी या संरचनात्मक समस्या न आए। AC बदले जाएंगे, गर्मी से मिलेगी राहत उन्होंने बताया- स्टेडियम के नॉर्थ और साउथ पवेलियन में लगे एयर कंडीशनर काफी पुराने हो चुके थे। इंडियन प्रीमियर लीग के पिछले सीजन में दर्शकों को गर्मी का सामना करना पड़ा था। इसलिए इस बार सभी पुराने AC बदले जा रहे हैं, जिससे मैच के दौरान बेहतर कूलिंग मिल सके। अब तक इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबलों के दौरान जनरेटर किराए पर लिया जाता था। इस बार सरकार लगभग 25 लाख रुपए की लागत से एडवांस 250 KVA का जनरेटर खरीदा है। इससे बिजली बाधित होने की स्थिति में पूरे स्टेडियम में आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। 18 साल पुरानी फ्लड लाइट की जगह LED लाइट्स उन्होंने बताया- करीब 18 साल पहले लगी फ्लड लाइट्स को हटाकर अब नई तकनीक की एडवांस LED फ्लड लाइट लगाई जाएंगी। इन लाइट्स में रोशनी का स्तर कम-ज्यादा किया जा सकेगा। इससे ऊर्जा की बचत होगी और संचालन में आसानी रहेगी। इससे सरकार को आर्थिक लाभ भी मिलेगा। इसके साथ ही स्टेडियम के वेस्ट में स्थित खेल परिषद भवन के साथ-साथ नॉर्थ और साउथ के सभी टॉयलेट्स का भी रिनोवेट किया जा रहा है। ताकि दर्शकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। सीटिंग कैपेसिटी बढ़ाने पर मंथन नीरज कुमार पवन ने बताया कि इंडियन प्रीमियर लीग के मुकाबलों के दौरान स्टेडियम की सीटिंग क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। इसके तहत ईस्ट स्टैंड के पीछे अतिरिक्त कुर्सियां लगाने और खेल भवन क्षेत्र में भी दर्शकों के बैठने की व्यवस्था करने की योजना है। पिछली बार सुरक्षा कारणों से वहां दर्शकों को बैठने की अनुमति नहीं दी गई थी, लेकिन इस बार पूरी प्लानिंग के साथ इसे लागू करने की तैयारी है। वहीं, साउथ पवेलियन, जिसे शेन वॉर्न गैलरी के नाम से जाना जाता है, उसमें भी सुधार कार्य किए जा रहे हैं। खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम और पवेलियन को अपडेट किया जाएगा। साथ ही दर्शकों की सुविधाओं और बैठने की क्षमता में भी बढ़ोतरी की जाएगी। सरकार ने मार्च महीने तक सभी कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा है, ताकि अप्रैल में जयपुर में होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग मुकाबलों के दौरान दर्शकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें। पिंक सिटी का सवाई मानसिंह स्टेडियम स्टेडियम नए रंग-रूप में नजर आए।


