राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने मंगलवार की शाम JEE मेंस का रिजल्ट जारी किया है। जिसमें बिलासपुर के सरकंडा के छात्र हर्षल पाठक ने पहली बार असफल होने पर ड्राप लेकर दूसरी बार में एग्जाम क्रैक किया है। हर्षल ने कहा कि जरूरी नहीं कि मेहनत के बाद भी सफलता मिले। लेकिन, इससे छात्रों को निराश नहीं होना चाहिए। लगातार मेहनत करने से जरूर सफलता मिलती है। जेईई मेन 2025 का परिणाम मंगलवार को घोषित हुआ। रिजल्ट आने के बाद शहर के सफल छात्रों में जश्न का माहौल बन गया। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में बिलासपुर के कई होनहार विद्यार्थियों ने जबरदस्त सफलता अर्जित कर अपने परिवार, शिक्षकों के साथ ही शहर का नाम रोशन किया है। पहले जानिए किन छात्रों ने क्रैक किया एग्जाम इस एग्जाम में शहर के कई छात्रों ने 99% से अधिक अंक हासिल किया है। अब ये छात्र बोर्ड जेईई मेन-2 और एडवांस की भी तैयारी में जुट गए हैं। इसमें ईशान ठाकुर ने 99.95%, कुशाग्र शुक्ल ने 99.43%, रोहित कुमार सिंह ने 99.10%, ओम साईं अग्रवाल ने 98.85%, श्रेष्ठा श्रीवास्तव ने 98.64%, जिनेश सिंह गांधी ने 98.01%, आदित्य सिन्हा ने 97.93% अंक हासिल किया है। इसके अलावा हर्षल पाठक ने 98.72%, ऐश्वर्य सिंह ने 98.02%, दिपेंद्र वस्त्रकार ने 98.18% अंक हासिल किए। वहीं, अंकुल सोनी ने 98.95%, अभिप्रिया जायसवाल ने 98.78%, सत्यांशु जायसवाल ने 98.78%, शिखर शराफ ने 97.81%, पृथ्वीराज स्वर्णकार ने 96.88%, सोहम सराफ ने 96.55%, जान्हवी जैन ने 96.24% और यशस्वी सलूजा ने 95.23% अंक प्राप्त किया है। हर्षल बोला- जरूरी नहीं है मेहनत के बाद भी सफलता मिले छात्र हर्षल पाठक ने कहा कि, प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिले, यह जरूरी नहीं है। लेकिन, इससे निराश नहीं होना चाहिए। ऐसे में तनाव लेने से मन भटकता है। लगातार मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है। इसके लिए पेरेंट्स और टीचर का गाइडेंस के साथ ही कोचिंग भी आवश्यक है। हर्षल ने कहा कि पहली अटैम्प्ट अच्छी नहीं गई, जिसके बाद वो पढ़ाई ड्राप किया और मन लगाकर दूसरी बार तैयारी की। ड्राप लेना तब जरूरी होता है कि आप को लगे कि आप निराश नहीं होगे। इसके लिए सपोर्ट की बहुत ज्यादा जरूरत है। पत्रकार का बेटा है हर्षल पाठक हर्षल पाठक वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय सुशील पाठक के बेटा है। बिलासपुर प्रेस क्लब के सचिव दिवंगत स्व. पाठक के बेटे हर्षल ने कठिन परिश्रम से यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षकों और मित्रों ने भी खुशी जाहिर करते हुए उसका उत्साह और बढ़ाया। हर दिन रिवीजन और मॉक टेस्ट से सफलता जेईई मेंस-1 में सफल रहे छात्रों ने कहा कि, उन्होंने क्लास के बाद हर दिन रिवीजन किया। लगातार मॉक टेस्ट दिए। इसमें कमियां मिलने पर सुधार किया। कठिन विषयों और टॉपिक पर अधिक फोकस किया। छात्रों ने कहा कि अब वे अपनी नियमित पढ़ाई पर ध्यान देंगे, इसके अलावा जेईई एडवांस की भी तैयारी करेंगे।


