साहित्य प्रेमियों के लिए जवाहर कला केंद्र सबसे हॉट डेस्टिनेशन बना हुआ है। जयपुर के जेकेके के साउथ विंग में बुक प्लाजा की ओर से ‘जयपुर बुक फेस्टिवल’ का आयोजन किया जा रहा है। इस फेस्टिवल में देश-दुनिया की लाखों किताबें उपलब्ध हैं। फेस्टिवल में बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सभी के लिए अलग-अलग श्रेणियों की पुस्तकें उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और चित्रात्मक पुस्तकें, युवाओं के लिए प्रेरणादायक साहित्य और लोकप्रिय उपन्यास, वहीं सीनियर पाठकों के लिए क्लासिक और आध्यात्मिक साहित्य का विशेष संग्रह रखा गया है। बुक प्लाजा के संचालक प्रवीण शाह ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा से लोगों को पढ़ने की ओर प्रेरित करना है। यहां नई कलेक्शन की किताबें भी उपलब्ध हैं। विशेष ऑफर के तहत कई उपन्यास 100, 150 और 200 रुपए तक की किफायती कीमतों पर दिए जा रहे हैं, जबकि कई पुस्तकें वजन के आधार पर 250 रुपए प्रति किलोग्राम तक उपलब्ध हैं। फेस्टिवल में आए पाठकों को एक ही जगह पर अलग-अलग विषयों साहित्य, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, धर्म, इतिहास, आत्मकथा, फिक्शन और नॉन-फिक्शन की विस्तृत श्रृंखला मिल रही है। पाठकों को भारतीय और विदेशी लेखकों की चर्चित कृतियां मिल रही हैं। भारतीय साहित्य में प्रेमचंद की ‘गोदान’ और ‘गबन’, हरिवंश राय बच्चन की ‘मधुशाला’, महादेवी वर्मा की रचनाएं, अमृता प्रीतम की ‘पिंजर’, चेतन भगत के लोकप्रिय उपन्यास, रवीन्द्रनाथ टैगोर की ‘गीतांजलि’ जैसी कालजयी पुस्तकें उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए पंचतंत्र, चंपक, नैतिक कहानियां और चित्र पुस्तकें हैं, वहीं युवाओं के लिए प्रेरणादायक, आत्म-विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी किताबों का बड़ा संग्रह मौजूद है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और क्लासिक साहित्य की विशेष श्रृंखला रखी गई है। विदेशी और अंग्रेजी साहित्य की चर्चित कृतियों में विलियम शेक्सपीयर के नाटक, जे. के. रोलिंग की ‘हैरी पॉटर’ शृंखला, पाउलो कोएलो की ‘द अलकेमिस्ट’, रॉबिन शर्मा की ‘द मोंक हू सोल्ड हिज फेरारी’, डैन ब्राउन की ‘द दा विंची कोड’ और अरुंधति रॉय की ‘द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स’ शामिल हैं।


