KGMU परिसर में निजी अस्पतालों के एजेंट एक्टिव:भर्ती मरीजों को झांसा देकर करा रहे शिफ्ट, खुलेआम कर रहे खेल

KGMU में OPD से लेकर वार्ड तक में दलालों की पैठ है। यह मरीजों को फुसलाकर नर्सिंग होम ले जा रहे हैं। एक माह के दौरान मरीजों की दलाली की 2 घटनाओं ने KGMU के दावों की पोल खोल दी है। KGMU में 4000 बेड हैं। ज्यादातर बेड हमेशा भरे रहते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन 7-8 हजार मरीज आ रहे हैं। मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार 950 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट आवंटित कर रही है। इसके अलावा मरीजों से OPD व जांच शुल्क भी KGMU ले रहा है। KGMU में खुलेआम हो रहा खेल
हालात यह है कि KGMU प्रशासन अपने डॉक्टर-कर्मचारियों और दलालों के बीच की कड़ी तोड़ पाने में नाकाम है। इसका फायदा नर्सिंग होम के दलाल उठा रहे हैं। बेहतर व किफायती इलाज दिलाने का झांसा देकर बेबस मरीजों को KGMU से नर्सिंग होम में शिफ्ट करा रहे हैं। तीमारदारों से मोटी रकम वसूल रहे हैं। KGMU के डॉक्टर, कर्मचारी की नर्सिंग होम के दलालों से जबरदस्त साठ-गांठ हैं। यही वजह है कि बिना पास और दूसरे जरूरी दस्तावेज के दलाल भर्ती मरीज को नर्सिंग होम ले जा रहे हैं। जिसे रोक पाने में संस्थान प्रशासन पूरी तरह से नाकाम है। दलाली के गठजोड़ का खामियाजा मरीजों को जान गंवाकर चुकाना पड़ रहा है। इस घटना से समझें पूरा नेक्सस
बघौली निवासी मुन्नी देवी सड़क हादसे में जख्मी हो गई थी। परिजन पहले जिला अस्पताल हरदोई ले गए थे। वहां पर हालत गंभीर बताकर उन्हें 30 नवंबर को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया था। इस बीच दलाल मरीज को IIM रोड स्थित निजी अस्पताल ले गए। उन्हें ICU में शिफ्ट में किया था। इलाज की एवज में करीब ढाई लाख रुपए की मांग किया था। मंगलवार सुबह मरीज की मौत हो गई। बताया गया कि दलाल मरीज को वार्ड से लेकर गए थे। ऐसी कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।

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