LPG ब्लास्ट पर NHAI बोला-पुलिस-जेडीए की अनुमति से खोला कट:सुझाव दिया- मौके 24 घंटे तैनात हो पुलिस, ऐसे वाहनों के लिए एस्कोर्ट सिस्टम शुरू हो

जयपुर के भांकरोटा में हुए एलपीजी टैंकर ब्लास्ट की घटना के बाद नेशनल हाइवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दी है। एनएचएआई ने घटना स्थल पर बनाए कट को खोलने के लिए जेडीए और पुलिस की सहमति होना बताया है। इसके साथ ही एनएचएआई ने इस तरह की घटना न घटे इसके लिए कुछ सुझाव दिए हैं। इसमें घटना वाले पॉइंट (रोड कट) पर 24 घंटे एन्फोर्समेंट (पुलिस) की तैनाती करने और इस तरह के वाहन चालकों (जो ज्वलनशील पदार्थ लेकर जाते है) को गाइड करने के लिए एस्कोर्ट सिस्टम शुरू करवाने के लिए कहा है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक अजय आर्य ने बताया- हमने जो कट जयपुर-अजमेर हाईवे पर खोल रखा है, उसका उद्देश्य अजमेर से जयपुर आने वाले हैवी ट्रैफिक (जो टोंक रोड, आगरा रोड जाना चाहता है) को रिंग रोड पर डायवर्ट करना है। इसके लिए जेडीए और ट्रैफिक पुलिस की जॉइंट कमेटी ने मंजूरी दी है। क्लोवर लीफ का काम जल्द पूरा होगा परियोजना निदेशक ने बताया- रिंग रोड पर अभी क्लोवर लीफ नहीं होने के कारण ये कट खोल रखा है। हमने ​​​​​जिस फर्म को क्लोवर लीफ का काम दे रखा है, उसे इस काम तेजी और प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। इसके चलते फर्म के दूसरे काम (टोंक रोड और सीकर रोड पर चल रहे कार्यो) को भी कुछ समय के लिए रुकवाया है। संभावना है कि अगले साल के आखिरी तक क्लोवर लीफ का काम पूरा हो जाएगा। परियोजना निदेशक ने बताया- टेंडर के मुताबिक कॉन्ट्रेक्टर को इस वर्क को पूरा करने के लिए मार्च 2026 तक का समय दे रखा है। कट वाली जगह रोड 6 के बजाए 10 लेन की एनएचएआई ने जो अपनी रिपोर्ट दी है, उसमें बताया कि जेडीए और ट्रैफिक पुलिस की जॉइंट कमेटी से मंजूरी मिलने के बाद कट खोलकर ट्रैफिक का डायवर्जन किया है। कट 30 मीटर तक चौड़ा है, लेकिन फिर भी बड़े व्हीकल (खासकर लम्बे ट्रेलर) जब टर्न लेते हैं तो रोड की चौड़ाई कम पड़ जाती है। इसे देखते हुए हमने कट वाली जगह के दोनों ओर रोड की चौड़ाई को 6 लेन से बढ़ाकर 10 लेन किया है। ताकि बड़ी गाड़ी के घूमने के दौरान ट्रैफिक जाम की स्थिति से बचा जा सके। ज्वलनशील वाहनों के लिए एस्कोर्ट की होनी चाहिए व्यवस्था एनएचएआई ने इस तरह की घटना दोबारा कहीं न हो इसके लिए इस तरह के ज्वलनशील पदार्थ ले जाने वाले वाहनों के लिए एस्कोर्ट की व्यवस्था करवाने का सुझाव दिया है। क्योंकि इन वाहनों को कहा मुड़ना है, कैसे मुड़ना है इसके लिए गाइड करने की व्यवस्था एस्कोर्ट वाहन चालक ही करें तो ज्यादा बेहतर होगा। 24 घंटे हो पुलिस की तैनाती एनएचएआई ने अपनी रिपोर्ट के साथ सुझाव दिया है कि इस पोइंट पर 24 घंटे एन्फोर्समेंट (ट्रैफिक पुलिस के जवान) की तैनाती भी होनी चाहिए। दिन में पुलिस के रहने से यहां वाहन चालक नियमों का पालन तो करते है, लेकिन रात में जब पुलिस फोर्स नहीं होती तो वाहन चालक मनमर्जी से ट्रैफिक रूल्स को फॉलो करते है।

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