एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने बाड़मेर जिले के चौहटन बावड़ी कल्ला ड्रग्स की अवैध लैब का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहां से कच्चे माल से करीब 60 हजार खुराक एमडी ड्रग् बनाने की तैयारी थी। जिसकी अनुमानित कीमत 18 करोड़ है। 15 दिनों में तैयारी की जानी थी। इससे 60 हजार लोगों को नशे में धकेल सकती थी। एटीएस एवं ANTF के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया- बाड़मेर जिले के चौहटन थाना क्षेत्र में संचालित एक अवैध सिंथेटिक ड्रग लैब का पर्दाफाश किया गया। कार्रवाई के दौरान भगाराम (26) पुत्र रिजुलाल निवासी रोहियों का तला बावड़ी कल्ला चौहटन को गिरफ्तार किया है। आरोपी पहले शराब तस्कर था। फरारी में खर्च में डूबा। एमडी बनाने की फैक्ट्री शुरू करने का प्रयास किया। सुनसान इलाके में चल रही थी फैक्ट्री ANTF को सूचना मिली थी कि बाड़मेर के बावड़ी गांव के सुनसान धोरों में टीन शेड से बने एक कमरे में सिंथेटिक नशे की अवैध लैब संचालित की जा रही है। सूचना की तस्दीक के बाद टीम मौके पर पहुंची तो वहां संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। कमरे के बाहर केमिकल के ड्रम और उपकरण रखे हुए थे। टीम ने घेराबंदी की तो एक युवक मौके से भागने लगा, जिसे तुरंत पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान एमडी ड्रग बनाने में प्रयुक्त होने वाले केमिकल जैसे मिथाइल सल्फो मिथेन (MSM), टोल्यून, हाइड्रोक्लोराइड तथा कॉस्टिक सोडा बरामद किए गए। 18 करोड़ की एमडी बनाने की थी तैयारी प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जब्त कच्चे माल से लगभग 60 हजार खुराक एमडी ड्रग तैयार की जा सकती थी, जिसकी बाजार कीमत करीब 18 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह खेप 15 दिनों में तैयार की जानी थी। एक बार में इतनी मात्रा 60 हजार लोगों को नशे की गिरफ्त में धकेल सकती थी। आईटीआई की, कॉम्पिटिशन की तैयारी करते-करते शुरू की शराब तस्करी आरोपी भगाराम 10वीं पढ़ाई करने के बाद बाड़मेर से आईटीआई की। लोकोपायलट बनने के लिए प्रतियोगी एग्जाम की तैयारी में जुट गया। दोस्त की शादी समारोह में शराब तस्कर बाबुलाल से जान पहचान हो गई। बाबुलाल शराब का बड़ा तस्कर था। पैसा कमाने का लालच में आकर बाबुलाल के ट्रक पर खलासी का काम किया। ट्रक में हरियाणा से सस्ती अवैध शराब भरकर राजस्थान के रास्ते गुजरात में शराब सप्लाई करने लगा। एक चक्कर के 10-15 हजार कमाता था पूछताछ में बताया- शराब तस्करी में एक चक्कर पद 10 से 15 हजार रुपए कमाता था। इस दौरान पकड़े जाने पर एक साल रापर जेल में बंद रहा। जेल ही एक अन्य शराब तस्कर शैलेष से भगाराम की जान पहचान हुई। जेल से बाहर आकर लक्ष्मण देवासी के साथ शराब तस्करी का काम किया। शराब तस्करी में भगाराम के खिलाफ गुजरात, अहमदाबाद, विरमगांव, राणपुर में अवैध शराब तस्करी के 6 मामले दर्ज हुए। पत्नी के जेवरात बेचे, दोस्त से 50 हजार रुपए लिए उधार फरारी काटने के दौरान सभी साथियों ने उसका साथ छोड़ दिया। घर का खर्चा चलाने के लिए पत्नी के गहने बचें। शराब तस्करी के पुराने दोस्त करीम से 50 हजार रुपए उधार लिए। करीम ने एमडी फैक्ट्री लगाने की बात कही। इस पर भगाराम राजी हो गया। शराब तस्करी छोड़ी, फिर देशी जुगाड़ से एमडी बनाने की तैयारी गिरफ्तार आरोपी भगाराम (26) चौहटन, जिला बाड़मेर का रहने वाला है। वह पहले शराब तस्करी में शामिल रहा है। गुजरात में उसके खिलाफ 6 मामले दर्ज हैं। जेल से बाहर आने के बाद उसने अधिक मुनाफे के लालच में सिंथेटिक ड्रग बनाने का काम शुरू किया। बताया जा रहा है कि वह अपने साथी के साथ मिलकर देसी जुगाड़ से एमडी तैयार करने की योजना बना रहा था। 10 दिन पहले लाया था एमडी बनाने का कैमिकल पूछताछ में सामने आया है कि 10-15 दिन हले आरोपी एमडी ड्रग बनाने का कैमिकल व उपकरण खरीदकर अपने खेत पर बने टीन शेड वाले कमरे में रख दिया। उसके साथी करीम ने देशी जुगाड़ बताया। शुरूआती पहले चरण में थे लेकिन एनएटीएफ ने छापा मार कर भंडाफोड़ दिया।


