बाड़मेर के बायतु विधायक और पूर्व मंत्री हरीश चौधरी ने खेजड़ी संरक्षण को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने खेजड़ी संरक्षण के लिए कानून लाने का वादा किया था, लेकिन अब तक बिल विधानसभा में पेश नहीं किया गया। शुक्रवार शाम बिजनेश एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग में कांग्रेस ने प्रस्ताव रखा कि जब तक खेजड़ी संरक्षण से जुड़ा विधेयक विधानसभा में नहीं आता, तब तक सदन की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। सरकार ने किया था कानून लाने का वादा
हरीश चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने खेजड़ी के पेड़ों को कानूनी संरक्षण देने के लिए कानून लाने की घोषणा की थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है और प्रदेश में लगातार खेजड़ी के पेड़ काटे जा रहे हैं। बिजनेश एडवाइजरी कमेटी में उठाया मुद्दा
उन्होंने बताया कि शुक्रवार शाम हुई बिजनेश एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग में कांग्रेस की ओर से यह प्रस्ताव रखा गया कि जब तक खेजड़ी संरक्षण से संबंधित बिल विधानसभा में प्रस्तुत नहीं होता, तब तक सदन की कार्यवाही को आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। मरुस्थलीय प्रदेश के लिए अहम पेड़
चौधरी ने कहा कि राजस्थान जैसे मरुस्थलीय प्रदेश में खेजड़ी केवल एक पेड़ नहीं बल्कि पर्यावरण, पारिस्थितिकी और ग्रामीण जीवन का आधार है। इसका संरक्षण पर्यावरण, पशुपालन, कृषि और ग्रामीण संस्कृति से सीधे जुड़ा हुआ है। कांग्रेस हर मंच पर उठाएगी मुद्दा
उन्होंने कहा कि कांग्रेस दल और वे स्वयं खेजड़ी संरक्षण और इस बिल को विधानसभा में लाने की मांग हर लोकतांत्रिक माध्यम से उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि राजस्थान की इस महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर की सुरक्षा के लिए सरकार को जल्द से जल्द खेजड़ी संरक्षण बिल लाना चाहिए।


