MLA भाटी बोले-स्कूली बच्चियां पानी नहीं पीती, वजह टाॅयलेट नहीं:नेताओं-अफसरों के बच्चे सरकारी-स्कूलों में पढ़ाने की बाध्यता का कानून बने

राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान निर्दलीय विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने पेपरलीक और स्कूलों की खराब हालत को लेकर सरकारी सिस्टम पर तंज कसा। रविंद्र सिंह भाटी ने कहा- पेपर लीक पर पक्ष- विपक्ष अपने-अपने तर्क दे रहे थे, लेकिन इसके लिए आखिर जिम्मेदार कौन है ? इतने साल हो गए पेपरलीक होते, किसकी जिम्मेदारी है? पेपरलीक का मामला शांत ही नहीं हुआ था कि अब ओएमआर शीट का नया मामला आ गया। क्या इस तरह से 2047 तक विकसित भारत बनेगा। भाटी ने कहा- हमारे विपक्ष के नेता जी ने कहा कि 1.50 लाख टीचरों की कमी है, 3700 स्कूल जर्जर हालात में है। 80 हजार कमरों और 44 हजार शौचालय की जरूरत है। बहुत बड़ा नंबर आपने बताया। पूर्ववर्ती सरकार में आप भी शिक्षा के मंत्री थे। वर्तमान वाले भी आए है। साहब यह कब तक पूरा होगा। क्या आत्मनिर्भर भारत 2047 में इस तरीके से बनेगा। भाटी बोले- बच्चियां पानी नहीं पीतीं कि क्योंकि स्कूलों में टॉयलेट नहीं भाटी ने कहा- स्कूलों में टॉयलेट तक की सुविधा नहीं है, बच्चियां पानी नहीं पीतीं। हम आजादी का अमृत काल बना रहे है। दूसरी तरफ हमारी सरकारी स्कूलों के हाल क्या है? मैं दावें के साथ कह सकता हूं कि यहां पर बैठें तमाम माननीय सदस्य सरकारी स्कूलों से पढ़कर निकले है। आज के समय में उन सरकारी स्कूलों के हाल क्या है। हमें समझने की जरूरत है। कहीं स्कूलें गिर रही है। कहीं मासूम बच्चे इस सिस्टम की भेंट चढ़ रहे है। हम सब मूकदर्शक बनकार बैठ रहे है। 12वीं स्कूल एक-एक टीचर के भरोसे भाटी ने कहा- बाबा साहब ने कहा कि शिक्षा वो शेरनी का दूध है जो जितना पीएगा, उतना दहाड़ेगा। क्या हम इस तरीके से तक्षशिला, नालंदा बनाएंगे। 12वीं की स्कूल को हमने एक-एक टीचर के भरोसे छोड़ रखा है। हम इस तरह विश्वगुरु बनेंगे? कानून लाकर अनिवार्य करें नेताओं-अफसरों के बच्चे सरकारी स्कूल में पढेंगे भाटी ने कहा- शिक्षा व्यवस्था तभी सही होगी जब कानून लाकर यह अनिवार्य करेंगे कि नेताओं, अफसरों के बच्चे सरकारी स्कूलों में ही पढ़ेंगे। पंच सरपंच से लेकर प्रधान, प्रमुख, विधायक, सांसद, मंत्री और अफसरों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ने की बाध्यता हो। जिस दिन यह कानून आ जाएगा, उस दिन से शिक्षा व्यवस्था सही हो जाएगी। सरकार इस पर कानून लाए, हम पूरा सहयोग करेंगे। आज कोई भी सक्षम व्यक्ति अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में नहीं पढ़ाता। सरकारी स्कूलों में गरीब व्यक्ति वंचित व्यक्ति का बेटा ही जाता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *