कानपुर के प्राइवेट हॉस्पिटल के NICU में आग लग गई। इससे उसमें भर्ती एक मासूम की जिंदा जलकर मौत हो गई। उसका पूरा शरीर जलकर काला हो गया। गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। 112 नंबर डायल कर घटना की सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही बिठूर थाने का फोर्स मौके पर पहुंचा। बाकरगंज निवासी अरुण निषाद प्राइवेट कर्मी हैं। परिवार में पत्नी बिट्टू है। अरुण निषाद ने बताया कि मेरी 2 साल पहले शादी हुई थी। शादी के बाद पहली बेटी हुई। घर में सभी खुश थे। रविवार सुबह अरुण निषाद अपनी पत्नी को डिलेवरी के लिए राजा हॉस्पिटल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने मेरी पत्नी को भर्ती कर लिया। शाम करीब 4 बजे पत्नी को बेटी हुई। डॉक्टरों ने मेरी पत्नी को वार्ड में शिफ्ट कर दिया। बेटी को हॉस्पिटल के एनआईसीयू में भर्ती करा दिया। देर शाम NICU में शॉर्ट सर्किट से आग गई। जिस बेड में मेरी बेटी लेटी हुई थी, उसमें आग लग गई। आग से मेरी बेटी बुरी तरह झुलस गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। चार-पांच घंटे तक हॉस्पिटल के कर्मी इस घटना हो छिपाए रहे। मगर जब मैंने कहा कि मुझे मेरी बेटी को देखना है तो वह कहने लगे कि वह भर्ती है। शाम को हमने कई बार बोला- बेटी का दिखाओ। जब हमने गुस्सा किया तो कर्मियों ने घटना के बारे में बताया। यह सुनकर मैं और मेरे साथ आए घरवाले भड़क गए। उन्होंने कहा कि अस्पताल स्टाफ की लापरवाही के कारण हादसा हुआ है। मेरी बेटी की मौत के जिम्मेदार हॉस्पिटल वाले हैं।
हंगामा बढ़ने पर हम लोगों ने पुलिस को सूचना दे दी। बिठूर थाना प्रभारी अशोक सरोज ने बताया कि परिवार वालों से बात की जा रही है। एनआईसीयू में नवजात भर्ती थी। एनआईसीयू में आग लगने से बच्ची गंभीर रुप से झुलस गई। जिससे उसकी मौत हो गई। परिवार वालों से बातचीत की जा रही है। अगर कोई तहरीर मिलेगी तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।


