PAC ने शिवालिक रैंज की लड़ाई के बनाया ‘शिवालिक मोर्चा’:शिवालिक श्रेणी में कंस्ट्रक्शन के खिलाफ NGT व हाईकोर्ट में दायर कर चुके हैं याचिकाएं

शिवालिक रैंज में कंस्ट्रक्शन की परमिशन देने से संबंधित पंजाब सरकार के नोटिफिकेशन के खिलाफ पब्लिक एक्शन कमेटी(PAC) मत्तेवाड़ा ने शिवरात्रि के अवसर पर शिवालिक मोर्चा बनाने का फैसला कर दिया। पंजाब सरकार के शिवालिक रैंज में कंस्ट्रक्शन की परमिशन देने के नोटिफिकेशन को तो पब्लिक एक्शन कमेटी मत्तेवाड़ा एनजीटी में चैलेंज कर चुकी है और एनजीटी ने फिलहाल नोटिफिकेशन को इंप्लीमेंट न करने को कह दिया है। वहीं पीएसी इसे संबंध में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी चैलेंज कर चुकी है। पब्लिक एक्शन कमेटी के सदस्य कुलदीप सिंह खैहरा का कहना है कि शिवालिक मोर्चा शिवालिक रैंज की लड़ाई को सड़क से लेकर कोर्ट तक हर मोर्चे पर लड़ेगा। इसमें पर्यावरण से प्रेम करने वाले पंजाब भर के लोगों को जोड़ा जाएगा। भगवान शिव के नाम पर है पहाड़ियों का नाम पीएसी के जसकीरत सिंह का कहना है कि इन पहाड़ियों का नाम भगवान शिव के नाम से है। इसिलए पीएसी ने शिवरात्रि के मौके पर शिवालिक रैंज को बचाने के लिए शिवालिक मोर्चा का ऐलान किया है। पीएसी ने बाकायदा शिवालिक मोर्चा का एक पोस्टर भी जारी किया जिस पर पहाड़ियों पर भगवान भोलेनाथ का चित्र बनाया है। लो इंपेक्ट ग्रीन हाउस पॉलिसी के जरिए रेगुलर करने की कोशिश जसकीरत सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार लो इंपेक्ट ग्रीन हाउस पॉलिसी के जरिए शिवालिक रैंज में कंस्ट्रक्शन की परमिशन देना चाहती है। उन्होंने कहा कि पीएसी एनजीटी व हाईकोर्ट में केस लड़ रही है। सरकार ने इसके लिए बड़े वकील खड़े किए हैं जिससे साफ है कि सरकार इस पॉलिसी को लागू करने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही है। पंजाब के पांच जिलों में है शिवालिक रैंज पीएसी के डॉ अमनदीप सिंह बैंस का कहना है कि शिवालिक रेंज पंजाब के पांच जिले आते हैं। शिवालिक रैंज मोहाली से शुरू होकर पठानकोट तक आती है। इस क्षेत्र में पंजाब का 70 फीसदी जंगल आता है। शिवालिक मोर्चा करेगा ये काम -शिवालिक रेंज में जंगल व पर्यावरण बचाने के लिए नियमों की सख्ती से पालना करवाना। -एनजीटी व हाईकोर्ट में सरकार के खिलाफ मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ना। -नॉन ट्रांसफरेबल लैंड का सीएलयू करने से रोकेगा। -आम लोगों, धर्म गुरुओं, किसानाें व विशेषज्ञों से समर्थन हासिल करना। डॉ नवजोत कौर भी उठा चुकी है शिवालिक रैंज का मामला पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू शिवालिक रेंज के मुद्दे पर पंजाब सरकार को घेर चुकी है। नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब सरकार पर शिवालिक रेंज में अवैध कब्ज करवाने का आरोप लगाया था। नवजोत कौर ने इस संबंध में राज्यपाल को भी शिकायत दी थी। डा. कौर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए शिवालिक रेंज में जमीन खरीदने वाले नेताओं के नाम भी सार्वजनिक किए थे। उन्होंने कहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुखबीर बादल के शिवालिक रेंज में अवैध कब्जों का रजिस्ट्रेशन नहीं होने नहीं दिया जाएगा। उन्हें यह जमीन पंजाब को वापस करनी होगी। जानिए, क्या है शिवालिक रेंज की जमीन का मुद्दा… कमेटी की सिफारिशों पर मुहर: काउंसिल ऑफ इंजीनियर्स (सीओई) के अध्यक्ष कपिल देव ने बताया कि शिवालिक पहाड़ियों का कुछ एरिया फॉरेस्ट लैंड में शामिल है। इस एरिया में लोगों की जमीन है, लेकिन उसे सुप्रीम कोर्ट ने फॉरेस्ट लैंड ही माना है। जिसकी वजह से यहां कोई कन्स्ट्रक्शन और खेतीबाड़ी का काम नहीं हो सकता। इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक कमेटी बनी थी जिसने इस जमीन को एग्रीकल्चर और पशुपालन करने की सिफारिश की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस कमेटी की सिफारिशों पर अनुमति दे दी थी। पंजाब सरकार ने अनुमति दी: कपिल देव ने आगे बताया कि इसके बाद से कुछ लोगों ने शिवालिक रेंज में जमीनें खरीद ली थी। पंजाब सरकार ने नवंबर माह में कैबिनेट में एक प्रस्ताव पास किया और उसके बाद लो इंपेक्ट ग्रीन हाउस पॉलिसी का नोटिफिकेशन जारी किया। शिवालिक रेंज की इस जमीन पर 4000 वर्ग गज के एरिया में फॉर्म हाउस का निर्माण किया जा सकता है। इसके बाद से ही नवजोत कौर इसी प्रस्ताव की वजह से पंजाब सरकार को बार-बार घेर रही है। एनजीटी ने लगाई रोक: कपिल देव ने बताया कि एनजीटी ने सरकार के नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है। वहीं, सरकारी वकील ने एनजीटी के सामने कहा कि नोटिफिकेशन पर अभी सरकार की ओर से कुछ नहीं किया गया।

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