दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में शनिवार को नीति आयोग की बैठक हुई। गवर्निंग काउंसिल में देशभर के CM पहुंचे थे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी बैठक में शामिल हुए। इस दौरान अलग से PM मोदी और CM साय की मुलाकात हुई। नरेंद्र मोदी, विष्णुदेव से हाथ मिलाते दिखे और फिर हाथ थामकर कुछ देर बात भी। प्रधानमंत्री ने मुस्कुराते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ की बात अभी बाकी है। दिल्ली में हुई इस बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से CM साय ने प्रदेश का ‘3T मॉडल’ पेश किया। छत्तीसगढ़ में हुए सकारात्मक बदलाव को पीएम ने सराहा लंच ब्रेक के समय PM के साथ छत्तीसगढ़ के अलावा आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु के भी मुख्यमंत्री मौजूद थे। सीएम साय से बातचीत के दौरान एन. चंद्रबाबू नायडू और एम.के. स्टालिन भी मुस्कराते हुए दिखे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों में हो रहे सकारात्मक बदलाव कहा सराहा। खासकर ‘आत्मनिर्भर बस्तर’ की तारीफ की। सीएम साय ने कहा कि, जहां कभी बंदूकें चलती थीं, वहां अब मशीनें, लैपटॉप और स्टार्टअप की चर्चा हो रही है। सीएम साय ने PM मोदी के साथ ही देश को बताया कि छत्तीसगढ़ कैसे आगे बढ़ रहा है। नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और एआई डेटा सेंटर की स्थापना की जानकारी दी। साथ ही लिथियम ब्लॉक की नीलामी जैसे बड़े और विकास के लिए अहम कदम उठाने की बात कही। ये था दिल्ली की मीटिंग का कॉन्सेप्ट
नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में देश के विकास पर बात की गई। इस बैठक का विषय ‘विकसित राज्य से विकसित भारत @2047’ रखा गया है। केंद्र सरकार भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने पर काम कर रही है। राज्य कैसे इसमें अपना रोल अदा करेंगे इस बैठक में इसी मुद्दे पर बात हुई। छत्तीसगढ़ की ओर से CM ने क्या कहा बैठक में
मुख्यमंत्री साय ने नीति आयोग के मंच पर छत्तीसगढ़ के लिए 75 लाख करोड़ रुपए की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखने की जानकारी दी। राज्य के ‘3T मॉडल’ (Technology, Transparency, Transformation) को बताया। उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन अब तकनीक आधारित, पारदर्शी और तेज़ गति से निर्णय लेने वाला बन रहा है। हर योजना को डिजिटली ट्रैक किया जा रहा है, ताकि आम जनता को समय पर और सटीक सेवाएं मिल सकें।


