एक्टर और इन्फ्लुएंसर पारस तोमर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर क्रिस्टल ब्रेसलेट से मानसिक इलाज और अमीर बनने का दावा करते हैं। क्रिस्टल ब्रेसलेट पहनने से ओवरथिंकिंग व गुस्सा कंट्रोल होने और पैसों की तंगी दूर करने तक की बात करते हैं। उनके ऐसे ही लुभावने विज्ञापनों को देखकर कोटा के दो काउंसलर फंस गए। ऑनलाइन क्रिस्टल ब्रेसलेट मंगवाया, लेकिन दोनों को कोई फायदा नहीं हुआ। दोनों ने नवंबर में कोटा जिला उपभोक्ता संरक्षण कोर्ट में परिवाद पेश किया था। कोर्ट ने 11 फरवरी को पारस को नोटिस भेजा है। मामले में 23 मार्च को सुनवाई होगी, जिसमें पारस को तलब किया गया है। इन्फ्लुएंसर के दावों पर फंसे कोटा के लोग, पढ़िए-पूरा मामला 1. गुस्सा कंट्रोल करने के लिए मंगवाया था ब्रेसलेट वकील ने बताया कि पृथ्वीराज सिंह (काउंसलर) ने अक्टूबर 2025 में सोशल मीडिया पर इन्फ्लुएंसर पारस तोमर का ‘एंग्जायटी फ्री ब्रेसलेट’ (Anxiety Free Bracelet) विज्ञापन देखा था। विज्ञापन में दावा किया गया था कि इस क्रिस्टल को पहनने से ओवरथिंकिंग बंद होगी। गुस्सा नियंत्रित होगा। पैनिक अटैक कम होंगे और मानसिक शांति होगी। इन दावों से प्रभावित होकर उन्होंने 729 रुपए का भुगतान कर ब्रेसलेट मंगवाया। दो महीने तक उपयोग करने के बाद भी उनके मानसिक स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। ग्राहक सेवा से संपर्क करने के प्रयास भी संतोषजनक नहीं रहे। 2. अमीर बनने के दावों से कर्ज में डूबे कोटा के ही रहने वाले रजत (काउंसलर) ने भी पारस तोमर का ‘रिच-रिच कॉम्बो ब्रेसलेट’ का विज्ञापन देखा था। जिसमें दावा किया गया था कि इसे पहनने से धन आकर्षित होगा, व्यक्ति अमीर बनेगा और बुरी नजर से रक्षा होगी। इन दावों से प्रभावित होकर उन्होंने 11 अक्टूबर 2025 को 680 रुपए का भुगतान कर इसे मंगवा लिया। इसके बाद भी आर्थिक हालात या एकाग्रता में कोई सुधार नहीं हुआ। उल्टा विज्ञापन पर भरोसा कर उन्होंने लोन ले लिया, जिसे वह चुका नहीं पाए। इससे उन्हें मानसिक तनाव और सामाजिक प्रतिष्ठा को क्षति हुई। कानूनी नोटिस का जवाब नहीं दिया वकील सुजीत स्वामी से पीड़ितों (परिवादी) ने संपर्क किया था, जिसके बाद 4 नवंबर 2025 को पारस को एक कानूनी नोटिस भेजा गया था। नोटिस का पारस ने जवाब नहीं दिया। इसके बाद 30 नवंबर 2025 को कोटा उपभोक्ता आयोग में परिवाद पेश किया गया था। परिवाद में कहा गया था कि ‘एंग्जायटी फ्री ब्रेसलेट’ जैसे उत्पाद किसी भी क्लिनिकल परीक्षण या चिकित्सकीय अनुमोदन से समर्थित नहीं हैं। फिर भी इन्हें मानसिक रोगों के इलाज, धन आकर्षण और गुस्सा नियंत्रण जैसे समाधान के रूप में प्रचारित किया गया, जो कि गलत है। 23 मार्च तक कोर्ट में पेश होने का आदेश अब 11 फरवरी 2026 को जिला उपभोक्ता आयोग कोटा बेंच के अध्यक्ष अनुराग गौतम और सदस्य सरनाम सिंह ने पारस के खिलाफ अनुचित व्यापार व्यवहार और भ्रामक विज्ञापनों के मामले में नोटिस जारी किया है। आयोग ने पारस और अंकुर भाटी (Founder CEO – Nature Touch Nutrition) को नोटिस जारी किए हैं। पारस को 23 मार्च को उपस्थित होकर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। …
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