शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में नि:शुल्क प्रवेश के लिए इस बार सरकार ने नियमों को सख्त कर दिया है। फर्जी आय प्रमाण पत्र या गलत दस्तावेज देकर प्रवेश लेने की कोशिश करने वाले अभिभावकों पर कड़ी कार्रवाई होगी। पकड़े जाने पर संबंधित स्कूल की निर्धारित फीस की दोगुनी राशि जुर्माने के रूप में वसूली जाएगी। वहीं तकनीकी दिक्कतों और दस्तावेजों की कमी को देखते हुए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 मार्च कर दी गई है। फर्जीवाड़े पर डिजिटल सख्ती शिक्षा विभाग ने सत्र 2026-27 के लिए जारी नई गाइडलाइन में पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया है। अक्सर यह शिकायत मिलती थी कि संपन्न परिवार भी कम आय का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर गरीब बच्चों का हक ले लेते हैं। छुट्टियों के कारण बढ़ी आवेदन तिथि RTE के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू हुई थी। शुरुआती 13 दिनों में से 7 दिन सरकारी छुट्टियां होने के कारण कई अभिभावक आवश्यक दस्तावेज समय पर नहीं बनवा सके। 12 मार्च को निकलेगी लॉटरी जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार हर साल आय, पते और वार्ड से जुड़ी सैकड़ों शिकायतें मिलती थीं। नई गाइडलाइन में स्पष्ट प्रावधान होने से अब फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी और पात्र बच्चों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा।


