लाख दावों के बाद भी परिवहन विभाग, क्षेत्रीय कार्यालयों से दलालों को बाहर नहीं कर पा रहा है। रायपुर में ही परिवहन कार्यालय के सामने दलालों का कब्जा है। ये दलाल लोगों से तय शुल्क से चार से 5 गुना ज्यादा रकम वसूल रहे हैं। इसके साथ ही 1 माह में होने वाले काम को 10 दिनों में करवाकर देने का दावा भी दलाल कर रहे हैं। डीबी स्टार की टीम ने जब इस मामले में पड़ताल की तो दो दलाल कैमरे में कैद हुए। दलालों का कहना था कि आरटीओ के माध्यम से काम करवाओगे तो समय लगेगा। साथ ही काम होगा की नहीं इसका भी कोई गारंटी नहीं है। जब डीबी स्टार के रिपोर्टर ने दलाल से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की बात कही तो उसने 4 हजार रुपये में लाइसेंस बनाकर देने का दावा किया। यही नहीं दलाल का दावा था कि आपको ड्राईविंग टेस्ट देने भी नहीं आना पड़ेगा। महीने भर के अंदर आपका लाइसेंस पोस्ट के माध्यम से घर पहुंच जाएगा। वहीं जब बाइक का नाम ट्रांसफर करवाने को लेकर बात की गई तो उनका कहना था कि 2500 रुपये में आपका काम हो जाएगा। वो भी मात्र तीन से चार दिन में। जबकि नाम ट्रांसफर करवाने में आरटीओ से करीबन 10 दिन का समय लगता है। सीधे कहें तो परिवहन कार्यालय के सामने ही दलाल लोगों को लूट रहे हैं। दलाल आम लोगों से अतिरिक्त रुपये लेकर काम का दावा कर रहे हैं। पर जब इस मामले में अफसरों से बात की गई तो उनका कहना था कि इस मामले की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। हमारे बताने पर वे कार्रवाई करेंगे। इसिलए बन रहे ऐसे हालात परिवहन विभाग में लाइसेंस, पंजीकरण, फिटनेस, ट्रांसफर जल्दी नहीं होते, लेकिन दलाल इन कामों को आसानी से करा देते हैं। जिस वजह से दलाल मुंहमांगा पैसा ऐंठते हैं। हालत यह हैं कि दलालों का ऑफिस के बाहर से लेकर दफ्तर के अंदर तक बेधड़क दखल रहता है। ऑनलाइन आवेदन में लर्निंग (अस्थायी) ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 350 रुपये और परमानेंट (स्थायी) लाइसेंस के लिए 1000 रुपये शुल्क निर्धारित है। फिर भी सरलता से काम न होने पर लोग दलालों के चक्कर में फंसकर 4000 से 4500 रुपये खर्च कर काम करवा रहे हैं। खास बात यह है कि टेस्ट भी नहीं देना होता है। दलालों से बचने ऑनलाइन करवाएं काम https://sarathi.parivahan.gov.in/ पर जाकर राज्य का चयन करके “ड्राइविंग लाइसेंस” मेन्यू से “नया ड्राइविंग लाइसेंस” पर जाएं। बताए गए निर्देश के अनुसार आवेदन भरें। अब दस्तावेजों और शुल्क पर्ची के साथ निर्धारित तिथि पर आरटीओ जाएं। इस तरह की होती है समस्या परिवहन विभाग में यदि अफसरों व बाबू के माध्यम से काम करवाया जाता है तो माहभर में होने वाला काम दो माह में होता है। इसके लिए आवेदक को ऑफिस के कई बार चक्कर काटने पड़ते हैं। वहीं जब दलाल के माध्यम से काम करवाने की बात होती है तो ये आरटीओ ऑफिस में अफसरों से संपर्क कर काम जल्दी करवाने का दावा करते हैं। Q. कार्यालय में दलाल सक्रिय हैं। लोगों से 1 हजार के काम के लिए 4 हजार वसूल रहे हैं? – मैंने पहले से ही सख्त निर्देश दे रखा है कि कार्यालय में कोई एजेंट नहीं आना चाहिए। सिर्फ आवेदक ही आएं। Q. 2500 लेकर जल्दी नाम ट्रांसफर करवाकर देने का भी दावा किया जा रहा है ? – ऐसा नहीं हो सकता। कोई भी दलालों के चक्कर में न पड़ें। Q. ऐसे लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी ? – लिखित शिकायत या वीडियो मिलने पर जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्टर और दलालों के बीच हुई बातचीत रिपोर्टर :- लाइसेंस बनवाना है दलाल :- कौन सा दोपहिया या चार पहिया रिपोर्टर :- दोनों वाला बनवाना है। दलाल :- ठीक है अपना आधार कार्ड लाना बन जाएगा रिपोर्टर :- टेस्ट देना पड़ेगा क्या ? दलाल :- नहीं, कुछ नहीं लगेगा आधार कार्ड लेकर आना और पैसा दे देना, फिर टेस्ट देने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, सब हो जाएगा रिपोर्टर :- कितना पैसा लगेगा दलाल :- 4000 लगेगा जिसमें आपका लर्निंग और पर्मानेंट दोनो एक साथ हो जाएगा रिपोर्टर :- पैसा ज्यादा लग रहा है, थोडा कम करो दलाल :- नहीं, दूसरे लोग तो 4500 रुपए ले रहे हैं। मैं तो आपसे 500 रुपए कम ही ले रहा हूं। रिपोर्टर :- कितना समय लगेगा दलाल :- लर्निंग तो आज ही मिल जाएगा उसके बाद 1 महीने बाद पर्मानेंट बनकर आपके घर में पहुंच जाएगा। रिपोर्टर :- गाड़ी का नाम ट्रांसफर करवाना है दलाल :- हो जाएगा रिपोर्टर :- क्या–क्या दस्तावेज लगेंगे। दलाल :- क्रेता और विक्रेता का आधार कार्ड, पेन कार्ड, 2 फोटो। रिपोर्टर :- कितने रुपए लेंगे और कितने दिनों में काम हो जाएगा। दलाल :- 2500 लगेगा और 10 दिनों में अपके नाम से नया कार्ड बनके पोस्ट ऑफिस के माध्यम से आपके घर तक पहुंच जाएगा। रिपोर्टर :- पर विभाग में तो कम पैसे में हो जाता है, आप तो बहुत ज्यादा ले रहे हो। दलाल :- अरे भाई तो विभाग से करवाओगे तो ज्यादा समय लगेगा और होगा या नहीं इसकी कोई गारंटी नहीं है। यहां पैसा ज्यादा लगेगा लेकिन तुम्हारा काम जल्दी हो जाएगा। रिपोर्टर :- विक्रेता और क्रेता दोनों को यहां आना पड़ेगा क्या? दलाल :- हां रिपोर्टर :- विक्रेता नहीं आएगा तो चलेगा क्या? दलाल :- नहीं दोनों को आना पड़ेगा 8 नंबर खिड़की पर दोनों का फोटो लेते हैं। रिपोर्टर :- कितना पैसा लगेगा और कितने दिनों नाम ट्रांसफर हो जाएगा। दलाल :- 2500 रुपए लगेगा, 10 दिन में बन जाएगा। सीधी बात रिपोर्टर :- भैया बाइक का नाम ट्रांसफर करवाना है। दलाल :- हो जाएगा


