शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने नाभा के शाही हीरा महल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए महारानी प्रीति सिंह के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने महल को उसके पुराने स्वरूप में बहाल किया है। धामी ने बताया कि जब वह पहली बार शाही हीरा महल आए थे, तब इसकी स्थिति अलग थी। उन्होंने कहा कि आज महारानी प्रीति सिंह के अथक प्रयासों से महल को खूबसूरती से सजाकर उसका पुराना वैभव लौटाया गया है। इस अवसर पर महारानी उमा सिंह और रानी प्रीति सिंह भी मौजूद थीं। उन्होंने महल के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह वही स्थान है जहाँ महाराजा नाभा ने ब्रिटिश शासन के दौरान गुरु के सिद्धांतों का पालन किया था और गद्दी पर बैठना स्वीकार नहीं किया था। यह गुरु साहिब की कृपा का एक बड़ा इतिहास समेटे हुए है। एडवोकेट धामी ने बताया कि उन्होंने महाराजा नाभा की सौवीं जयंती भी मनाई है। आज वह ण के साथ इस महल में उपस्थित हैं। उन्होंने पगड़ी को सिख धर्म के संस्कारों में से एक बताया और युवराज को आशीर्वाद दिया। धामी ने महारानी प्रीति सिंह और पूरे शाही परिवार को बधाई दी और कामना की कि युवराज प्रताप सिंह गुरु के तौर-तरीकों के अनुसार अपना जीवन जिएं और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त करें।


