‘SI भर्ती परीक्षा पेपर लीक के आरोपी विदेश भागे’:हाईकोर्ट में याचिकाकर्ताओं का तर्क- RPSC ने परीक्षा केंद्रों की वीडियोग्राफी नहीं करवाई

हाईकोर्ट में एसआई भर्ती परीक्षा-2021 पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता असफल अभ्यर्थियों की ओर से पक्ष रखा गया। उनकी ओर से मामले में गैंग के शामिल होने का तर्क देते हुए इसे रद्द करने के पक्ष में तर्क दिए गए। असफल अभ्यर्थियों की ओर से बहस के दौरान दावा किया गया कि एसआई भर्ती परीक्षा में कालेर गिरोह ने बीकानेर में पेपर लीक किया, जो पाली तक पहुंचा। वहीं अगले दो दिन जयपुर से कई गिरोहों तक पेपर पहुंचाने वाले यूनिक भांभू और जगदीश विश्नोई विदेश भाग गए, उन पर एक लाख का इनाम घोषित किया। राजस्थान लोक सेवा आयोग ने परीक्षा केंद्रों की वीडियोग्राफी भी नहीं कराई। कोर्ट में अब 19 जनवरी को फिर सुनवाई होगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ ने राज्य सरकार व अन्य की अपीलों पर शुक्रवार को करीब एक घंटे तक सुनवाई की। पेपर लीक में अब तक 11 एफआईआर दर्ज
एसआई भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मेजर आरपी सिंह और अधिवक्ता हरेंद्र नील ने कोर्ट को बताया कि इस भर्ती का पेपर लीक करने में गिरोह शामिल है। परीक्षा के समय प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 11 एफआईआर दर्ज हुईं, लेकिन मामला दबा दिया गया। ब्लूटूथ गैंग के सौरभ कालेर व तुलछाराम कालेर ने 13 सितंबर 2021 को बीकानेर में पेपरलीक किया, जो बड़े लेवल पर सर्कुलेट हुआ। परीक्षा केंद्र पर मिले मोबाइल में पेपर की कॉपी दिखी
सुनवाई के दौरान तर्क दिया गया कि एक अभ्यर्थी से परीक्षा केंद्र पर मोबाइल बरामद हुआ, जिसमें पेपर मिला। इसे लेकर पाली में FIR दर्ज हुई। इसके बाद 14 व 15 सितंबर 2021 को जयपुर में यूनिक भांभू ने पेपर लीक कर जगदीश विश्नोई तक पहुंचाया और उसने पेपर सॉल्वर्स की मदद ली। उसने कई गिरोहों तक भी पेपर पहुंचाया। इनमें सुरेश ढाका भी शामिल है। ढाका व भांभू के विदेश में होने की जानकारी है। उन पर एक लाख का इनाम घोषित है।

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