डीआईजी और एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने जिले के नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी के प्रति आगाह किया है। यह चेतावनी मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान सामने आ रही ओटीपी आधारित ठगी को लेकर दी गई है। पुलिस ने लोगों से किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) साझा न करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य और जिले में एसआईआर का कार्य जारी है। इसी की आड़ में साइबर ठगों ने अपना जाल बिछाना शुरू कर दिया है। ये अपराधी एसआईआर से जुड़े मोबाइल नंबरों पर ओटीपी भेजकर लोगों से उसे साझा करने के लिए कह सकते हैं, जिससे वे साइबर धोखाधड़ी को अंजाम दे सकें। ओटीपी मांगने वाले कॉल से रहें सतर्क प्रशांत कुमार ठाकुर ने बताया कि यदि एसआईआर भरने के संबंध में ओटीपी मांगने के लिए कोई कॉल आता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसे में कॉल करने वाले व्यक्ति को स्पष्ट रूप से मना कर दें और कहें कि आप कार्यालय जाकर या अपने बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) से संपर्क करके बात करेंगे। दबाव या धमकी मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें यदि कोई व्यक्ति ओटीपी मांगने के लिए दबाव डालता है, धमकी देता है या जोर डालता है, तो तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में इसकी सूचना दें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसआईआर फॉर्म में मोबाइल नंबर देना पूरी तरह से सुरक्षित है। हालांकि, कुछ साइबर अपराधी इसी बहाने ठगी करने की कोशिश कर सकते हैं। एसआईआर फॉर्म में ओटीपी की जरूरत नहीं उन्होंने जोर देकर कहा कि बीएलओ के माध्यम से फॉर्म भरने के लिए किसी भी प्रकार के ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती है। कोई भी अधिकारी, कर्मचारी या बीएलओ आपसे ओटीपी नहीं मांगेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी सूरत में अपने मोबाइल फोन पर प्राप्त ओटीपी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें और सावधान रहें, सुरक्षित रहें।


