जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में निर्माणाधीन इमरजेंसी की नई बिल्डिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बिल्डिंग बनाने के लिए 10 फीट की खुदाई करके बनाया गया बेसमेंट का एरिया वापस मिट्टी डालकर भरा जा रहा था। इसे देखकर इमरजेंसी डिपार्टमेंट के इंचार्ज ने काम रुकवा दिया और प्रिंसिपल को पत्र लिखकर इस 8 फीट की जगह जो मिट्टी से भरी जा रही है। वहां बेसमेंट बनाने की बात कही है। इमरजेंसी डिपार्टमेंट के इंचार्ज डॉक्टर बी.पी. मीणा ने बताया- इमरजेंसी विस्तार के लिए करीब 7 हजार वर्गफीट कारपेट एरिया पर दो मंजिला नई बिल्डिंग बनाई जा रही है, जिसका काम आरएसआरडीसी करवा रही है। इस बिल्डिंग में ग्रांउड और फर्स्ट फ्लोर बनाया जाना प्रस्तावित है। डिजाइन के मुताबिक ग्रांउड फ्लोर को सड़क से करीब 6 फीट ऊंचाई पर बनाया जाएगा, ताकि वर्तमान में चल रही इमरजेंसी की बिल्डिंग से इसे समानान्तर जोड़ा जा सके। इस बिल्डिंग का काम जब शुरू किया तो यहां ठेकेदार ने सड़क लेवल से जमीन को करीब 8 फीट गहराई में खोदा और वहां से मिट्टी निकालकर उसमें 3 फीट से ज्यादा मोटाई की भरत सीमेंट-कंक्रीट से कर दी। इसके बाद वहां से पिल्लर खड़े करके खोदे गए बेसमेंट को वापस मिट्टी से भरना शुरू कर दिया। पिल्लर तैयार, केवल छत डालनी पड़ेगी मीणा ने बताया- इमरजेंसी के ग्राउंड फ्लोर को सड़क लेवल से 6 फीट ऊंचाई में बनाया जाएगा और वर्तमान में मौके पर बेसमेंट की जगह खुदी पड़ी है। करीब 9 से 10 फीट के एरिया जो पिल्लर बनाने के बाद खाली पड़ा है, उसे अब मिट्टी से भरा जा रहा है। मेरा सुझाव है कि इस जगह को अगर मिट्टी से भरने के बजाए बेसमेंट बना दें तो वह स्थान ऑफिस या पार्किंग के रूप में काम लिया जा सकता है। लेकिन निर्माता एजेंसी और ठेकेदार इस 9 फीट के एरिया को मिट्टी से भरने में लगे हैं। मैंने कॉलेज प्रिसिंपल को पत्र लिखकर इस पर विचार करने और बेसमेंट बनाने का सुझाव दिया है। एक-एक फीट जगह के लिए मशक्कत सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में बढ़ती मरीजों की भीड़ के कारण प्रशासन एक-एक फीट जगह को लेकर काफी मशक्कत कर रहा है। सरकार और प्रशासन हॉस्पिटल की पुरानी बिल्डिंगों को तोड़कर उनकी जगह स्पेस वाली जगह मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बना रहा है, ताकि भविष्य में बढ़ते मरीजों की संख्या के कारण परेशानी ज्यादा न हो। कॉटेज वार्ड, थाना और मोर्चरी समेत अन्य उपयोगी भवनों को हटाकर मल्टी स्टोरी आईपीडी टॉवर बनाया जा रहा है। वहीं हॉस्पिटल की जगह खाली करवाकर उसकी जगह कार्डियक सेंटर बनाया गया।


