भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) या अन्य जांच एजेंसियों के अधिकारी बनकर साइबर ठग ठगी कर रहे हैं। दो घंटे में सिम बंद होने, मोबाइल टावर लगाने के बदले एडवांस रुपए देने के नाम पर ठगी की जा रही है। साइबर अपराधियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम विंग ने विशेष एडवाइजरी जारी की। पुलिस के अनुसार ठग आमजन को डराकर या लालच देकर बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर करवा रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट बन रहा नया हथियार
एसपी साइबर सेल पुलिस मुख्यालय शांतनु कुमार सिंह ने बताया- ठग खुद को सीबीआई, पुलिस, कस्टम या प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताते हैं। साइबर ठग आपके आधार कार्ड या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में होने के लिए कहते हैं। इसके बाद वीडियो कॉल पर व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” जैसी स्थिति में डालकर डराया जाता है। बाद में केस खत्म करने के नाम पर बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली जाती है। सिम डीएक्टिवेशन और केवाईसी फ्रॉड
अपराधी मैसेज भेजकर कहते हैं कि दो घंटे में आपकी सिम बंद हो जाएगी। केवाईसी अपडेट करने के नाम पर फर्जी ऐप डाउनलोड करवाया जाता है या लिंक पर क्लिक कराया जाता है। इसके बाद सिम स्वैप कर कॉल और एसएमएस फॉरवर्डिंग के जरिए बैंकिंग ओटीपी हासिल कर लिए जाते हैं। मोबाइल टावर लगाने का झांसा
ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में ठग जमीन पर मोबाइल टावर लगाने के बदले 20 से 50 हजार रुपए मासिक किराया और लाखों रुपए एडवांस देने का लालच देते हैं। इसके बाद एग्रीमेंट या रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लोगों से रुपए ठग लिए जाते हैं। फर्जी सरकारी पत्र से डराने की कोशिश
अपराधी TRAI, सीबीआई या दूरसंचार विभाग (DoT) के फर्जी लोगो और लेटरहैड का उपयोग कर ईमेल या पत्र भेजते हैं। इसमें कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर लोगों को डराया जाता है। ऐसे रहें सतर्क
पुलिस ने कहा- TRAI कभी भी किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल पर पूछताछ के लिए नहीं जोड़ता और न ही डिजिटल अरेस्ट करता है। किसी भी अनजान कॉल या मैसेज से सावधान रहें। वहीं पर्सनल जानकारी, बैंक डिटेल या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। मोबाइल टावर इंस्टॉलेशन से जुड़ी जानकारी की पुष्टि दूरसंचार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट dot.gov.in पर ही करें। ठगी होने पर यहां करें शिकायत
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930, विशेष हेल्पडेस्क 9256001930/9257510100, ऑनलाइन पोर्टल cybercrime.gov.in, नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।


