XEN को बोला कमीशनखोरी छोड़ दो, मुकदमा दर्ज करवा दूंगा:मंत्री बोले- नौकरी करना भूला दूंगा, नौकरी से इस्तीफा देकर राजनीति कर लों

उद्योग एवं वाणिज्य राज्य मंत्री के.के. विश्नोई ने बाड़मेर जिला मुख्यालय अटल सेवा केंद्र में लोगों की समस्याओं को सुना। जनसुनवाई में धोरीमन्ना पंचायत समिति लूखू सरपंच आसुराम जिला परिषद XEN राजेंद्र चौधरी की नरेगा काम के बदले रुपए लेने की शिकायत की। तभी मंत्री ने मीटिंग में बैठे CEO और कलेक्टर को बोल कर XEN को बुलवाया। फिर जमकर में फटकार लगाई। कहा- आपके काम से विधायक, जिलाध्यक्ष सहित कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं है। आपकी विचारधारा में अंतर है तो दूसरी जगह देख लो, लेकिन इस तरीके से कमीशनबाजी होने पर मुकदमा दर्ज करवाऊंगा। नौकरी करना भूला दूंगा। दरअसल, मंत्री के.के. विश्नोई ने पहली बार जिला मुख्यालय पर अटल सेवा केंद्र में जन सुनवाई की। इसमें पानी, लाइट, सड़क, नगर परिषद पट्‌टे सहित अलग-अलग समस्याएं लेकर परिवादी पहुंचे। इस दौरान संबंधित अधिकारियों को समस्याओं का निपटारा करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ऑयल फील्ड कंपनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की भी मांग की। जनसुनवाई के दौरान धोरीमन्ना पंचायत समिति के लुखू ग्राम पंचायत के सरपंच आसूराम जिला परिषद में नरेगा में कार्यरत एक्सएन राजेंद्र चौधरी की शिकायत की। एक्सएन को बुलाया गया। राजेंद्र चौधरी एईएन पद पर कार्यरत है लेकिन एक्सएन का चार्ज दिया हुआ है। मंत्री ने एक्सएन से पूछा उन्होंने कहा की दो सड़कों स्वीकृति के लि मेरे पास दो-तीन पहले ही आई है। फिर कहा कि फिलहाल नाडी की बात चल रही है। एक्सईएन बोले- नाडी की सीसी दो-तीन दिन पहले लेकर आए थे, तब मैंने कहा कि मौके पर जाकर देखकर राशि स्वीकृत कर देंगे। मंत्री बोले- सभी जेटीओ और सरपंच को बुलाते हो क्या , एक्सईएन बोले- जो भी मेरे पास आती है तो मौका देखकर स्वीकृत कर देता हूं। मंत्री बेोले- सभी आपके पास ही आती है। तभी परिवादी सरपंच बोला- एक माह पहले में गया तब मुझे कहा कि नाडी पक्का का जितना काम है उसका एक प्रतिशत लेकर आ जाओ। तब मैंने कहा कि मैं एक रुपया दूंगा नहीं। मंत्री ने एक्सएन से पूछा कितना प्रतिशत चाहिए बताओ एक्सईएन बोले- मेरी प्रतिशत कोई बात नहीं हुई थी। मैंने सिर्फ मौका देखने का कहा। फिर हस्ताक्षर कर दूंगा। मंत्री ने कहा- नौकरी छोड़कर नेतागिरी में आ जाओ। या नेतागिरी हम लोगों को करने दो, एक्सईएन बोले- सर निवेदन है कि आप एक-एक फाइल देख लिजिए। कहीं भी किसका गलत नहीं किया है। मंत्री बोले- तीन बार मैंने सीईओ साहब और कलेक्टर साहब को शिकायत कर चुका कि मेरे आदमियों के लिए। आज बालाराम (बायतु प्रत्याशी), जिलाध्यक्ष (दिलीप पालीवाल) दीपक चौधरी (बाड़मेर प्रत्याशी), बाड़मेर विधायक प्रियंका चौधरी, विधायक आदूराम बीजेपी कार्यकर्ता भी संतुष्ट नहीं है। या तो विचारधारा में अंतर है। तो दूसरी जगह देख लो। लेकिन इस तरीके से कमीशनबाजी होने पर मुकदमा दर्ज करवाऊंगा। नौकरी करना भूला दूंगा। एक्सईएन बोले- मेरा निवेदन है कि सिंगल फाइल भी मेरे पास आती है तो उसी दिन ओके करके भेज देता हूं। मैं सिर्फ टैक्नीकली चैक करता हूं। मंत्री बोले- चार सालों में नाडी का काम क्यूं नहीं हुआ। एक्सईएन बोले- मेरे पास तो अभी आई है चार साल तो इन्होंने लगाए है। मंत्री बोले- सरपंच युवा है यह तो मेरे जैसे सेवा करता है। दूसरे है व्यापारी। इस तरीके से व्यवहार ठीक नहीं है। व्यवहार को तुंरत चेंज करों, अगर नहीं करते सकते हो तो भी कोई दिक्कत नहीं है। प्रोफेशन चेंज कर लो। मैंने पहला भाषण यही दिया था कि कर्मचारी किसी का नहीं है। सरकार के है। भाषण पूरा हिदुस्तान में गया। या तो उस भाषण के भाव को समझो। आप सब कर्मचारियों के साथ हम सब साथ में है। पुरानी सरकार से प्रभावित हो तो उसको भी चेंज करना चाहिए। बिल्कुल आप वर्किग चेंज करों इसका फायदा मिलेगा। सरपंच आसुराम से जब भास्कर ने बता की तो उन्होंने कहा कि नरेगा काम स्वीकृति के लिए जिला परिषद में आता है। एईएन और एक्सईएन का चार्ज उनके पास है। बीते चार सालों से बैठे है। उन्होंने बहुत बड़ा पूरे जिले में जाल बिछा रखा है। उनसे जो मिलता (कमीशन देता) है उसका काम करते है। उनसे नहीं मिलता है तो उनका काम नहीं करते है। मैंने मंत्री जी से पहले भी मिला था तब अवगत करवाया था। जिले के सभी सरपंचों से काम स्वीकृत करने के बदले में रुपए वसूल करना। वाजिब काम को अटकाना इनका काम है। मुझे नाडी का समायोजन करवाना था। उसके बदले मेरे राशि की डिमांड की थी। तब मैंने देने से मना कर दिया। इसको लेकर मंत्री जी को शिकायत की, तब उन्होंने फटकार लगाई। मेरे दो ग्रेवल सड़क की फाइल चल रही हे। उसको लेकर मैंने कहा था। वहीं एक नाडी का समायोजन करवाना था। लेकिन किया नहीं। मंत्रीजी ने कहा कि या तो नौकरी छोड़कर राजनीति में आ जाओ। नहीं ढ़ग से काम करों। मंत्री के.के विश्नोई ने मीडिया बातचीत में कहा कि जब भी कोई सुनवाई होती है तो उसकी चर्चा भी करनी पड़ती और निर्देश भी देने पड़ते है। विषय की गंभीरता ज्यादा है तो गंभीरता से कहना पड़ता है। मैं उसे फटकार नहीं कहूंगा। कमीशनखोरी का मामला है उसकी जांच भी की जाएगी और देखा जाएगा कि इसमें कोई सत्यता है या नहीं उसका परीक्षण करेंगे।

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