सूरजपुर जिले के प्रेमनगर के रहने वाले अंकित कुमार नामदेव ने छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) 2024 की परीक्षा में आबकारी उपनिरीक्षक के पद पर 109वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अंकित के पिता नेत राम नामदेव और उनकी मां महिला-बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर रही हैं। अभी उनका परिवार गौरेला-पेंड्रा में रहता है, लेकिन अंकित का बचपन और पढ़ाई प्रेमनगर में ही हुई है। उन्होंने 1 से 12वीं तक की शिक्षा वहीं के स्कूलों से पूरी की और 12वीं में 86% अंक प्राप्त किए। इसके बाद वे रायपुर गए और कोलंबिया कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इंजीनियर बनने के बाद अंकित ने निजी कंपनियों में काम किया और कुछ समय दिल्ली में भी नौकरी की। लेकिन उनका मन हमेशा जनसेवा और प्रशासनिक सेवाओं की ओर था। इसी वजह से वे बिलासपुर लौट आए और PSC की तैयारी शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने सरकार की मुफ्त PSC कोचिंग में शिक्षक के रूप में भी काम किया, जिससे उनकी अपनी तैयारी भी बेहतर होती गई। वे कई बार मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन नायब तहसीलदार के पद पर कुछ अंकों से चयन नहीं हो पाया। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लगातार मेहनत करते रहे। आखिरकार वर्ष 2024 में उन्होंने आबकारी उपनिरीक्षक के पद पर शानदार सफलता हासिल की। अंकित का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।


