सोमवार को अंगदान के बाद मंगलवार सुबह अंगदानी सुरेंद्र जैन (पोरवाल) को रेड कारपेट बिछाकर विदा किया गया। शैल्बी हॉस्पिटल की टीम, जैन समाज के सदस्यों और समाजसेवियों ने मानव शृंखला बनाकर पुष्प वर्षा की। जैन ने अंगदान से जरिये चार लोगों को नई जिंदगी दी। वहीं आंखें और त्वचा बैंक में रखी गई है। वहीं इंदौर में 2015 से अब तक 60 से ज्यादा ग्रीन कॉरिडोर बनाए जा चुके हैं। प्रदेश के साथ यहां से दूसरे राज्यों के कई शहरों में अंग भेजे गए। इससे सैकड़ों लोगों को नई जिंदगी मिली है। ब्रेन डेड होने के बाद परिवार ने उनके अंगदान का फैसला लिया। दोनों हाथ ग्लोबल हॉस्पिटल मुंबई, लिवर जूपिटर हॉस्पिटल मुंबई, दोनों किडनियां राजश्री अपोलो और चोइथराम हॉस्पिटल इंदौर में प्रत्यारोपित की गईं। नेत्रदान एमके इंटरनेशनल आई बैंक और त्वचा चोइथराम अस्पताल के स्किन बैंक में दान की गई। इस दौरान अस्पताल के मेडिकल सुप्रिंटेंडेंट डॉ. विवेक जोशी, मुस्कान ग्रुप सेवादार संदीपन आर्य सहित अन्य मौजूद थे।


