रांची जिले में जमीन का म्यूटेशन कराना किसी चुनाैती से कम नहीं है। अंचल कार्यालयों में बिना पैसा दिए या दलाल काे पकड़े काम ही नहीं हाेता है। इसे देखते हुए रविवार काे अवकाश हाेने के बावजूद 10 अंचलों में राजस्व शिविर लगाया गया। अनगड़ा, चान्हाे, बड़गाई, बुढ़मू, बुंडू, बेड़ाे, हेहल,नगड़ी और अरगाेड़ा अंचल में लगे कैंप में 10 डिसमिल तक जमीन के म्यूटेशन के कुल 1134 पेंडिंग मामलाें की जांच हुई। इसमें 534 आवेदकाें की जमीन का म्यूटेशन ऑन स्पाॅट किया गया। जबकि, 460 केस काे अस्वीकृत कर दिया गया। अंचलों में शिविर लगाकर पेंडिंग मामलाें काे निपटाने की यह पहल 17 साल बाद हुई है। इससे पहले वर्ष 2008 में तत्कालीन डीसी केके साेन की पहल पर मोरहाबादी में कैंप लगाकर ऑनस्पाॅट म्यूटेशन और जमीन के कागजात से जुड़े मामले का निपटारा किया गया था। कैंप में माैके पर ही जमीन का म्यूटेशन करके करेक्शन स्लिप मिलते ही आवेदकाें ने राहत की सांस ली। अरगाेड़ा अंचल में कैंप में आए अनिल तिर्की, सुषमा सहित अन्य ने बताया कि पांच-छह डिसमिल जमीन के म्यूटेशन के लिए लंबे समय से कार्यालय का चक्कर लगा रहे थे। आज कैंप नहीं लगता ताे म्यूटेशन भी नहीं हाेता। अस्वीकृत किए गए आवेदनाें की हाेगी जांच 10 अंचलों में लगाए गए कैंप में 460 मामलाें काे अस्वीकृत कर दिया गया। डीसी ने पहले ही सभी सीओ काे स्पष्ट ताैर पर कहा था कि बिना ठाेस कारण के म्यूटेशन के पेंडिंग मामलाें काे अस्वीकृत नहीं किया जाए। इसके बावजूद सैकड़ाें मामले काे अस्वीकृत किए जाने से डीसी ने नाराजगी जताई। उन्हाेंने अंचलों में अस्वीकृत किए गए मामले की समीक्षा करके रिपाेर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है।


