भास्कर न्यूज | चिरमिरी लगभग डेढ़ दशक से बंद पड़ी अंजनहिल कोयला खदान परियोजना को फिर प्रारंभ करने की दिशा में बुधवार को ग्राम भुकभुकी में इसकी जनसुनवाई शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भाग लिया और अपने सुझाव व आपत्तियां दर्ज कराईं। जनसुनवाई में कुल 372 लिखित आवेदन मिले, जबकि 78 लोगों ने मौखिक रूप से अपनी बातें रखीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि परियोजना को लेकर क्षेत्र में व्यापक रुचि और जागरूकता है। पर्यावरण सलाहकार विनय खंडेलवाल ने कहा कि लगभग 388.261 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित यह खदान एसईसीएल के चिरमिरी क्षेत्र में स्थित है। परियोजना के तहत खुली खदान पद्धति से कोयला उत्खनन किया जाएगा और प्रतिवर्ष लगभग 1.35 मिलियन टन कोयले का उत्पादन प्रस्तावित है। पर्यावरण संरक्षण के लिए खदान क्षेत्र और आसपास के गांवों में पौधरोपण, पानी का छिड़काव और सुरक्षा निदेशालय के निर्देशों के अनुसार ब्लास्टिंग करने की बात कही गई। एसईसीएल चिरमिरी के महाप्रबंधक अशोक कुमार ने कहा कि परियोजना के शुरू होने से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पलायन की समस्या में कमी आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना के लिए किसी भी निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा और संपूर्ण कार्य आवंटित लीज क्षेत्र में ही होगा। साथ ही सीएसआर के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने भी परियोजना का समर्थन करते हुए इसे क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक बताया। जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रिया मेश्राम ने कहा कि इससे रोजगार के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।


