अंडरब्रिज के लिए जारी हुआ टेंडर:परसदा रेलवे क्रॉसिंग पर बनेगा नया अंडरब्रिज, करीब तीन लाख लोगों को मिलेगी ट्रैफिक जाम से राहत, 15 से 20 मिनट भी बचेंगे

राजधानी और कई इलाकों से परसदा आने-जाने वाले लोगों को अब रेलवे क्रासिंग पर खड़े होकर ट्रेन जाने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रेलवे इस क्रासिंग पर नया अंडरब्रिज बनाएगा। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। ब्रिज का काम गति शक्ति योजना के तहत होगा। नया अंडरब्रिज बनने के बाद करीब तीन लाख लोगों को फायदा मिलेगा। इससे लोगों के 15 से 20 मिनट भी बचेंगे। रेलवे का दावा है कि जून 2026 तक यह काम पूरा हो जाएगा। अभी परसदा रेलवे क्रासिंग को पार करने में लोगों का काफी समय बर्बाद होता है। अधिकतर बार जाम भी लग जाता है। कई बार तो यह ट्रैफिक जाम इतना लंबा हो जाता है कि रायपुर-दुर्ग नेशनल हाइवे तक पहुंच जाता है। जाम में फंसे दोपहिया वाले तो जैसे-तैसे इससे निकल जाते हैं, लेकिन चारपहिया व भारी वाहन वाले घंटों फंसे रहते हैं। रायपुर से सटे कुम्हारी में कई बड़ी और नई कॉलोनियां बस गई हैं। इस वजह से यहां गाड़ियों का आना-जाना भी बहुत ज्यादा हो गया है। सबसे ज्यादा कॉलोनियां कैवल्य धाम और परसदा रोड पर ही स्थित हैं। इन कॉलोनियों में दुर्ग और रायपुर में रहने वाले लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। ज्यादातर लोग नौकरी पेशा हैं। जो रोजाना रायपुर, भिलाई और दुर्ग आना-जाना करते हैं। इन सभी लोगों को रेलवे फाटक की वजह से कई तरह की परेशानी होती है। यहां दो बड़े प्राइवेट स्कूल भी हैं। इन स्कूलों में रायपुर के भी बच्चे पढ़ते हैं। इन स्कूलों की बसें भी कई बार जाम में घंटों फंसी रहती है। परिवारवालों ने इसकी शिकायत भी की है। रोजाना गुजरती हैं 80 से 100 ट्रेनें मुंबई हावड़ा मार्ग पर स्थित परसदा रेलवे क्रासिंग से रोजाना 80 से 100 यात्री ट्रेनों के साथ ही मालगाड़ियां भी गुजरती हैं। इस ट्रैक से रोज औसतन 50 ट्रेनें अप-डाउन रूट से जाती हैं। परसदा क्रॉसिंग में तैनात गार्ड ने बताया कि औसतन हर 15 मिनट पर फाटक को बंद करना पड़ता है। कई बार जंबो मालगाड़ी होने से क्रासिंग का गेट काफी देर तक बंद रहता है। मालगाड़ी के आने-जाने पर कई बार लंबा समय लगता है। इस कारण अक्सर गाड़ियों की लंबी लाइन लग जाती है। ट्रैफिक क्लियर होते तक लोगों को जाम में ही फंसे रहना पड़ता है। ^ परसदा रेलवे क्रासिंग पर अंडरब्रिज के निर्माण की मंजूरी मिल गई है। इसका निर्माण गति शक्ति योजना के तहत किया जाएगा। टेंडर जारी हो गया है जून 2026 तक इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
अवधेश कुमार त्रिवेदी, सीनियर डीसीएम रायपुर

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