अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव:ऊंट के शरीर पर बनाया राम दरबार, करणी माता पाबूजी और तेजाजी भी नजर आएंगे प्रतियोगिता में

ऊंटों के शरीर पर राम दरबार के साथ-साथ वीर तेजाजी, पाबूजी और लोकदेवता बाबा रामदेव के पर्चे देखने को मिलेंगे। इसके साथ ही गायों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की झांकी होगी। यह सब इस बार अंतरराष्ट्रीय ऊंट उत्सव में देखने को मिलेगा। ऊंट उत्सव में फर कटिंग प्रतियोगिता के लिए ऊंटपालक अपने ऊंटों को इस प्रकार तैयार कर रहे हैं। उत्सव में ऊंटों की फर कटिंग प्रतियोगिता में बीकानेर के ग्रामीण इलाकों के ऊंट पालकों के साथ-साथ जापान के टोक्यो की मैगुमी भी भाग ले रही है। मैगुमी भी बीकानेर के घड़सीसर गांव में ऊंटों की फर कटिंग कर रही है। वह अपने ऊंटों के साथ 11 जनवरी को ऊष्ट अनुंसधान केंद्र में पहुंचेगी। मैगुमी के अलावा अक्कासर गांव के रामलाल और श्रवण भी अपने ऊंटों के साथ पहुंचेंगे। ऊंट पालक पिछले 15-20 दिनों से ऊंटों की फर कटिंग कर रहे हैं। ये लोग 10 जनवरी को अपने-अपने ऊंटों को तैयार करके बीकानेर पहुंचेंगे। ऊंटों के शरीर पर होंगे पशु-पक्षी और प्रकृति का प्रेम भी दिखेगा अक्कासर गांव के रामलाल कूकणा और श्रवण द्वारा ऊंटों के शरीर पर प्रकृति प्रेम के बारे में चित्र अंकित किए गए हैं। ऊंटों के शरीर पर बीकानेर के महाराजा गंगासिंह के साथ-साथ देशनोक की करणी माता के साथ-साथ मनुष्य का पशु-पक्षियों से प्रेम भी दिखाया गया है। ऊंट के शरीर पर बनाए गए हर चित्र के साथ पशु-पक्षी जोड़ा गया है। रामलाल अपने ऊंट पर एक बार किसान और ऊंट द्वारा खेत में बिजान करते हुए बताया गया है। वहीं साथ में बाबा रामदेव की आरती उतारते बाई लाछा और सुगना, हरजी भाटी दिखाए गए हैं। वहीं दूसरी ओर राम-सीता और लक्ष्मण की आरती उतारते हनुमानजी को दर्शाया गया है। वहीं श्रवण ने अपने ऊंट की फर कटिंग इस तरह से की है कि एक ओर जहां कृष्ण-गाय के साथ बांसुरी बजा रहे हैं। ऊंट सज्जा, फर​ कटिंग में कोई न कोई पुरस्कार तो मिलता है रामलाल को अक्कासर के रामलाल कूकणा का कहना है कि वह 1999 से लगातार ऊंट उत्सव में भाग ले रहे हैं। 2000 के बाद 24 सालों में हर बार उन्होंने इनाम जीता है। उन्होंने 24 सालों में किसी ऊंट दौड़ तो कभी फर कटिंग और कभी ऊंट सज्जा में दूसरा या तीसरा पुरस्कार जीता है। वे बताते हैं कि ऊंट के शरीर पर शिकार की घटना का भी उल्लेख किया गया है। इस बार हरिण का शिकार करता शेर, खेत में हल जोतते किसान के लिए खाना लेकर आई पत्नी के साथ शिव और सोने का हार लेकर उड़ा बाज इस बार अलग अंदाज में प्रस्तुत किया जाएगा।

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