भास्कर न्यूज | जशपुरनगर धान खरीदी के अंतिम दिन शुक्रवार को 20 हजार 893 क्विंटल धान की खरीदी हुई। हालांकि 9 केंद्रों में अंतिम दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। पत्थलगांव ब्लाक के काडरो उपार्जन केंद्र में सर्वाधिक 3 हजार 4 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। इसके अलावा केराकछार में 2 हजार 53 क्विंटल, कोनपारा में 1052, गंझियाडीह में 1062, घरजियाबथान में 1025, पंगसुवा में 1063 और लुड़ेग में 1063 क्विंटल धान की खरीदी की गई। समर्थन मूल्य में धान खरीदी की शुरुआत नवंबर में की गई थी। जिले में इस बार 51 हजार 304 किसानों का पंजीकरण किया गया था। प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य के साथ बोनस की राशि में वृिद्ध किए जाने से किसानों की रुचि उपार्जन केंद्र में धान बेचने में बढ़ी नतीजा जिले के सभी 46 केंद्रों में धान बेचने के लिए किसान उमड़ पड़े। खरीदी शुरू होने के पहले दिन से ही किसान टोकन पाने के लिए मशक्कत करते नजर आए। हालांकि किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने आनलाइन और आफलाइन टोकन जारी करने की सुविधा दी थी। वहीं धान खरीदी के अंतिम सप्ताह के शुरुआत तीन दिन में पोर्टल के लाक होने से किसानों को टोकन नहीं मिल पाया। अंतिम दो दिन में जिन किसानों को टोकन मिला वे सुबह से ही धान की बोरियां लेकर तौलाई के लिए मंडी पहुंच गए थे। हालांकि प्रशासन द्वारा टोकन सत्यापन की व्यवस्था से किसानों को थोड़ी परेशानी हुई। लेकिन बिचौलियों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन की इस व्यवस्था में किसानों ने अधिकारियों का सहयोग किया। लक्ष्य से अधिक हुई खरीदी विपणन वर्ष 2024-25 के लिए जिले को पंजीकृत किसानों से 33 लाख 64 हजार 580 क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य मिला था। पंजीकृत किसानों की बढ़ी हुई संख्या और रकबे में हुई वृिद्ध से खरीदी के लिए निर्धारित दिन से पखवाड़े भर पहले ही धान खरीदी का लक्ष्य पार हो गया। धान खरीदी पूरी होने के बाद अब विपणन विभाग के अधिकारियों और सहकारी समितियों के पदाधिकारियों को धान के उठाव और सुखत की चिंता सताने लगी है। समितियों की चिंता धूप की बढ़ती तपीश के साथ बढ़ रही है।


