शहर के वार्ड 1 झिरका बाग में श्मशान में जलती चिता की राख से नहाने और खोपड़ी व अस्थियां चोरी करने वाले बल्ली कुशवाहा को कुशवाहा समाज के लोगों ने चप्पलों की माला पहनाकर जुलूस निकाला। झिरका बाग निवासी मूलचंद की मौत हो गई थी। शुक्रवार शाम को श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया। बल्ली ने भी दाह संस्कार में हिस्सा लिया। इसके बाद रात करीब 11 बजे बल्ली फिर श्मशान पहुंचा। यहां जलती चिता की राख से स्नान किया। फिर खोपड़ी और अस्थियां लेकर घर आ गया। सुबह मूलचंद के परिजन अस्थियां बटोरने पहुंचे तो राख बिखरी मिली।
श्मशान की राख से नहाने और हड्डियां ले जाने वाले को पहनाई चप्पलों की माला…
खोजबीन में बल्ली का शॉल मिला, जिससे उसकी पहचान हुई। बल्ली के घर के बाहर अस्थियों से भरी पॉलिथीन मिली थी। बाद में बल्ली ने स्वीकार भी कर लिया। उसके पूरे परिवार को कुशवाहा समाज से बहिष्कृत कर दिया। संतान की चाह में अपराध
बल्ली को शादी के 20 साल बाद तक संतान नहीं हुई तो दूसरी शादी की। उससे दो बच्चे हुए, पर दोनों मर गए। उसे भितरवार में किसी जनवा ने उसे श्मशान की राख से स्नान करने की सलाह दी। जिससे उसकी संतान उत्पत्ति हो सके। आरोप- गंदगी पिलाई
भतीजे राजकुमार कुशवाहा ने बताया कि लोगों ने बल्ली चाचा को पानी में मिलाकर गंदगी भी पिलाई। बल्ली का इलाज चल रहा है। एसडीओपी आकांक्षा जैन का कहना है मामला संज्ञान में आया है। पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया है।


