बालोद| जिले की शासकीय शालाओं में कार्यरत अंशकालीन स्वीपरों को पूर्णकालिक किए जाने तथा मध्याह्न भोजन योजना में कार्यरत रसोइयों के मानदेय में 50% वृद्धि किया जाना चाहिए। वर्तमान में मिलने वाला मानदेय अत्यंत कम है, जिससे उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। अंशकालीन स्वीपर नियमित रूप से कार्य करते हैं, बावजूद इसके उन्हें पूर्णकालिक कर्मचारी का दर्जा और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। बढ़ती महंगाई के बीच मौजूदा मानदेय से परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया है।


