करौली में नवसृजित ग्राम पंचायत को लेकर विवाद गहरा गया है। डूंडापुरा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने अकोलपुरा को नई पंचायत बनाए जाने का विरोध किया है। मंगलवार को ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि डूंडापुरा को नवसृजित पंचायत बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार डूंडापुरा की आबादी 2 हजार 456 है और अकोलपुरा की 1 हजार 294 की आबादी से काफी अधिक है। डूंडापुरा में पहले से ही स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सरकारी कार्यालय मौजूद हैं। इन सुविधाओं का फायदा आसपास के गांवों के लोगों को भी मिल रहा है। ग्रामीण नेता बाबू मीना ने बताया कि अकोलपुरा में बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। वहां पंचायत बनने से क्षेत्र का विकास प्रभावित होगा। इससे ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ेंगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला लोगों की भावनाओं के खिलाफ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से डूंडापुरा को नवसृजित पंचायत घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे पूरे क्षेत्र का बेहतर विकास हो सकेगा। ज्ञापन देते समय सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।


