अखंड पाठ की लड़ी कल से, 3 दिवसीय 102वां गुरुमुख सम्मेलन 15 से शुरू होगा

भास्कर न्यूज | अलवर मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारे में होने वाले तीन दिवसीय 102वें गुरुमुख सम्मेलन के उपलक्ष्य में 29 जनवरी से अखंड पाठ की लड़ी शुरू होगी। इसे लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन और संगत ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 15 से 17 फरवरी तक होने वाले गुरुमुख सम्मेलन के दौरान कीर्तन, कथा वाचन, आनंद कारज (सामूहिक विवाह सम्मेलन) और लंगर होगा। इसमें देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगत के पहुंचने की संभावना है। वाटरप्रूफ पांडाल बनाने के लिए पश्चिम बंगाल से कारीगर बुलाए गए हैं। गुरुद्वारे के मीडिया प्रभारी बसंत गांधी ने बताया कि 29 जनवरी को सुबह 6 बजे मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारे में अखंड पाठ की लड़ी शुरू होगी। गुरु माता महेंद्र कौर की स्मृति में 1 फरवरी को सुबह 8 से 11 बजे तक गुरुबाणी का कीर्तन होगा, इसके बाद भंडारा होगा। 12 फरवरी को खंडेलवाल धर्मशाला के पास स्थित गुरुद्वारा सुखधाम में सुबह 5 से 8 बजे तक आसा दी वार का कीर्तन के बाद संत रेन डॉ. हरभजन शाह सिंघ महाराज कथा करेंगे। 13 फरवरी को सुबह 9 बजे प्रतापबंध स्थित समाधी साहिब पर कार्यक्रम होगा। वहां गुरुमुख सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए पूर्वजों से आशीर्वाद लेंगे। 14 फरवरी को सुबह 5 बजे मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारे में अखंड पाठ की लड़ी का भोग पड़ेगा। इसके बाद सुबह 10 बजे संतों का भंडारा होगा। 15 फरवरी को सुबह 2.30 बजे नितनेम साहिब होगा। सुबह 5.30 बजे गुरुद्वारा सुखधाम में आसा दी वार का कीर्तन होगा। सुबह 8.30 बजे अखंड पाठ रखा जाएगा। इसके बाद नगर कीर्तन निकाला जाएगा। नगर कीर्तन पुलिस कंट्रोल रूम, गोपाल टॉकीज होते हुए मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारे पहुंचेगा। इसी के साथ तीन दिवसीय 102वां गुरुमुख सम्मेलन प्रारंभ होगा। सम्मेलन के दौरान रागी जत्थों के साथ महिला और बाल संगत द्वारा गुरबाणी का कीर्तन किया जाएगा। 16 फरवरी को सुबह 9.30 बजे संत रेन डॉ. हरभजन शाह सिंह महाराज के प्रवचन होंगे। 17 फरवरी को सुबह 6 बजे गुरुद्वारा सुखधाम में अखंड पाठ का भोग पड़ेगा। इसके बाद सुबह 10 बजे मनुमार्ग स्थित गुरुद्वारे में प्रवचन होंगे। इसी दिन 50 वर्ष की वैवाहिक वर्षगांठ पूर्ण करने वाले दंपतियों का सम्मान किया जाएगा। आनंद कारज (सामूहिक विवाह सम्मेलन) के साथ गुरुमुख सम्मेलन का समापन होगा। 15 और 16 फरवरी को सुबह-शाम तथा 17 फरवरी को आनंद कारज के बाद लंगर शुरू होगा। कार्यक्रम स्थल पर बनाए जा रहे वाटरप्रूफ पांडाल के लिए पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से कारीगर आए हैं। ठेकेदार के अनुसार पांडाल निर्माण में बंगाल के मजबूत और 50 फीट तक लंबे बांस उपयोग में लिए जा रहे हैं। करीब 1500 बांस, 100 किलो सूतली और कपड़ा इस्तेमाल होगा। पांडाल में एक साथ करीब 2 हजार संगत बैठ सकेगी। सीसीटीवी से रहेगी निगरानी, लंगर के लिए मशीनें: कार्यक्रम स्थल और पांडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। संगत की सुविधा के लिए एलईडी टीवी, साउंड सिस्टम और अग्निशमन उपकरण की व्यवस्था रहेगी। लंगर के लिए मशीन से एक घंटे में करीब 4 हजार रोटियां बनाई जाएंगी। गीला आटा तैयार करने की अलग मशीन होगी, जिसमें एक बार में 100 से 150 किलो आटा तैयार किया जा सकेगा। संगत के लिए विशेष सुविधाएं: सम्मेलन स्थल पर स्वागत कक्ष, क्लॉक रूम, निशुल्क वाहन पार्किंग, जूताघर, ठहरने की व्यवस्था और 24 घंटे मेडिकल टीम एंबुलेंस सहित तैनात रहेगी। बाहर से आने वाली संगत के लिए ट्रेन टाइम टेबल, पीएनआर स्टेटस और कमरा आवंटन की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।

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