डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने कहा- जनवरी 2013 में प्रयागराज में कुंभ मेले का आयोजन हुआ था। उस कुंभ मेले की व्यवस्था अखिलेश यादव ने अपने चचा आजम खान को सौंपी थी। कुंभ मेले की इतनी दुर्दशा इतिहास में कभी नहीं हुई थी। तीर्थ यात्रियों को दुर्घटनाओं का शिकार होना पड़ा था।। केशव वीर बाल दिवस के अवसर पर बोल रहे थे। यह कार्यक्रम लखनऊ में सीएम योगी के आवास पर आयोजित हुआ। सीएम गुरु ग्रंथ साहिब सिर पर लेकर चले। मुख्यमंत्री आवास में आसीन कराया। गुरुद्वारे में मत्था भी टेका। सबसे पहले योगी की बड़ी बातें पढ़िए- 1- गुरु गोविंद के बेटों ने देश-धर्म पर आंच नहीं आने दी
योगी ने कहा- आज पूरा देश और धर्म के लिए शहादत की नई कहानी लिखने वाले बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेह सिंह की शहादत को नमन कर रहा है। गुरु गोविंद सिंह के बेटे बाबा जोरावर सिंह और फतेह सिंह को वजीर खान ने दीवार में चुनवाया था। बाबा अजीत सिंह और बाबा जुझार सिंह शहादत को प्राप्त हुए। क्या नहीं बीता था, उस समय उन पर। मगर उनका एक ही लक्ष्य था कि देश और धर्म पर आंच नहीं आने देंगे। एक ही उद्देश्य के लिए गुरु गोविंद सिंह महाराज के चार साहबजादों ने अपनी शहादत दी। देश और धर्म की रक्षा की पक्की नींव खड़ी की। जिस पर न केवल सिख, बल्कि पूरा देश गौरव की अनुभूति करता है। श्रद्धा और सम्मान का भाव रखता है। 2- गुरुनानक जी ने बाबर के अत्याचार का विरोध किया
गुरुनानक जी ने बाबर के अत्याचार का विरोध किया। गुरु तेग बहादुर के बलिदान को कौन नहीं जानता है, उन्होंने अपना सिर दिया, लेकिन भारत का सिर नहीं झुकने नहीं दिया। आज कश्मीर भारत का शीष बना है, क्योंकि गुरु तेग बहादुर ने अपना सिर देकर उसकी कीमत चुकाई है। 3- कौन हिंदू-सिख को लड़ाने का प्रयास कर रहा….
काबुल में 2-4 परिवार ही सिख है। बांग्लादेश और पाकिस्तान में होने वाले अत्याचार के बारे में सुनते हैं तो सिख गुरुओं के त्याग और बलिदान का स्मरण हो जाता है। हिंदू और सिख के लिए गुरुनानक से लेकर गुरु गोविंद सिंह जी ने जो आदर्श रखा है, वही हमें आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा देगा। उन्हीं का आशीर्वाद हमारी प्रेरणा है। उस प्रेरणा से आगे बढेंगे तो काबुल, बांग्लादेश होने से बच पाएंगे। कभी भारत की फौज में सिख बड़ी संख्या में जाकर भारत की सेवा में समर्पित करता था। कौन हिंदू और सिख को लड़ाने का प्रयास कर रहा है? कौन नशे की ओर धकेल रहा है? गुरु तेग बहादुर ने कश्मीरी पंडितों की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया। 4- भेद तो शत्रु- मित्र में होता है, इसे पहचानने की जरूरत
गुरु गोविंद सिंह ने जाति, पंथ और भेद समाप्त किया। भेद परिवार में नहीं होता। भेद तो शत्रु और मित्र का होता है, इसे पहचानने की आवश्यकता है। सिख बंधु यूपी के विकास में योगदान दे रहे हैं। बहुत सारे तत्व घुसपैठ करते हैं, लेकिन दूसरे ही दिन सिख पंथी प्रमुख लोग उसका विरोध करते हैं। अब डिप्टी सीएम की बात पढ़िए- 1- यह पगड़ी साधारण नहीं, असाधारण है
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- यह पगड़ी साधारण नहीं, असाधारण है। पिछली सरकारों ने इस इतिहास को दबाने की कोशिश की। गुरु गोविंद सिंह ही सच्चे मायने में राष्ट्रपिता हैं। सीएम योगी के कार्यकाल में सीएम आवास पर यह कार्यक्रम शुरू हुआ। गुरुद्वारा में कार्यक्रम करना तो आसान है, लेकिन सीएम आवास में काम करना महत्वपूर्ण है। 2- साहबजादों पर हुआ अत्याचार सुन खून खौल उठता है
डबल इंजन की सरकार गुरुओं के लिए समर्पित सरकार है। आज भी खून खौल उठता है कि साहबजादों ने कितना अत्याचार सहा। गुरु गोविंद सिंह जी की शिक्षा से आज भी प्रेरणा और चुनौती का सामना करना का साहस मिलता है। पगड़ी धारण करने में गर्व का अनुभव होता है। आज के दिन ही मुगलों ने गुरु गोविंद सिंह के बेटों को दीवार में चुनवाया था ————————————– सीएम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें- मंदिर तोड़ने वाले औरंगजेब के वारिस रिक्शा चला रहे:योगी बोले- उनकी दुर्गति हुई सीएम योगी ने अयोध्या में शुक्रवार को कहा- मंदिर तोड़ने वाले औरंगजेब के वारिस आज कोलकाता में रिक्शा चला रहे हैं। उनकी दुर्गति हो गई। ऐसे आततायियों का कुल और वंश ही नष्ट हो गए। वो कभी फले-फूले नहीं। पढ़ें पूरी खबर


