सपा प्रमुख अखिलेश यादव शनिवार को पत्नी डिंपल यादव, एक्ट्रेस और सांसद जया बच्चन के साथ आगरा आ रहे हैं। अखिलेश के साथ उनके बच्चे भी होंगे। यहां फतेहपुर सीकरी में शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाएंगे। इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। दरगाह के बाहर सूफी गायन भी होगा। इससे पहले अखिलेश सितंबर 2012 में मुख्यमंत्री रहते हुए शेख सलीम चिश्ती की दरगाह पहुंचे थे। उन्होंने तब चादर चढ़ाई थी। साथ ही मन्नत का धागा भी बांधा था। आज अखिलेश से पहले उनकी सुरक्षा से जुड़ी टीम दरगाह पर पहुंच चुकी है। उनका यह कार्यक्रम अचानक बना है। दरगाह और आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खेरिया एयरपोर्ट से कार से सभी दरगाह पहुंचेंगे। बताया जा रहा है कि चादर चढ़ाने के बाद सभी यहां मन्नत का धागा भी बांधेंगे। सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार अपनी टीम के साथ सभी का स्वागत करेंगे। 2012 की अखिलेश की 2 तस्वीरें देखिए- आगरा शहर से 40 किमी दूर है दरगाह
शेख सलीम चिश्ती एक सूफी संत थे। उनकी दरगाह आगरा से लगभग 40 किमी दूर फतेहपुर सीकरी में है। शेख सलीम चिश्ती ने अकबर और उसके बेटे को आशीर्वाद दिया था कि भविष्य में सलीम, जहांगीर के नाम से पहचाना जाएगा। जून 1573 में अकबर ने गुजरात विजय के साथ इस क्षेत्र को भी जीत लिया था। तब इसका नाम फतेहपुर सीकरी रखा गया। अकबर ने इस दरगाह का निर्माण संत के सम्मान में साल 1580 से 1581 के बीच करवाया। आज यह दरगाह वास्तुकला और धर्म निरपेक्षता का उदाहरण है। यहां इसके दर्शन के लिए अलग-अलग समुदायों के लोग आते हैं। आज की 3 तस्वीरें देखिए- यह सूफी संत सलीम चिश्ती (1478-1572) के दफन स्थान को दर्शाता है, जो बाबा फरीद के वंशज थे। इसका निर्माण सलीम चिश्ती के प्रति उनके सम्मान के निशान के रूप में किया गया था। जिन्होंने अकबर के बेटे सलीम चिश्ती के नाम पर राजकुमार सलीम नाम के जन्म की भविष्यवाणी की थी।


