बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना लो प्रेशर का क्षेत्र बन गया है। इससे झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, 28 अगस्त से 2 सितंबर तक राज्य के विभिन्न जिलों में रोजाना बारिश होगी। इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार खासकर कोल्हान और संथाल परगना के जिलों में 29 और 30 अगस्त को भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। बीते दो दिनों से झारखंड के कई हिस्सों में मानसून कमजोर रहा था, लेकिन बंगाल की खाड़ी में बने लो प्रेशर क्षेत्र के कारण अब मौसम का रुख बदलने वाला है। भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी मौसम विभाग ने बताया कि आज यानी 28 अगस्त को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार को छोड़कर झारखंड के बाकी जिलों में वज्रपात और तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं, 29 अगस्त को दुमका, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज, जमशेदपुर, चाईबासा और सरायकेला में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा 30 अगस्त को रांची, खूंटी, गुमला, रामगढ़, लातेहार, लोहरदगा और बोकारो समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। पिछले 24 घंटे में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज झारखंड में बीते 24 घंटों के दौरान कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई। सबसे अधिक वर्षा 24.2 मिमी जमशेदपुर में दर्ज की गई। वहीं, पाकुड़ में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस और लातेहार में सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। विभाग का कहना है कि अधिकतम और न्यूनतम तापमान में फिलहाल कोई बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। यह सामान्य से 1.5 से 2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। मानसून सीजन में झारखंड में सामान्य से ज्यादा वर्षा झारखंड में इस बार मानसून सीजन के दौरान सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। अभी तक राज्य में 991.9 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य 745.5 मिलीमीटर से 33 प्रतिशत अधिक है। आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में 1000 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हो चुकी है। विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 24 घंटे में और मजबूत होगा, जिससे आने वाले दिनों में बारिश का दौर तेज़ हो सकता है।


