अग्निवीर करणसिंह राठौड़ की पार्थिव देह श्रीमाधोपुर पहुंची:11 किमी तिरंगा यात्रा निकलेगी, घर से 2 किलोमीटर दूर होगा अंतिम संस्कार

राजस्थान के अग्निवीर करणसिंह राठौड़ (22) की पार्थिव देह बुधवार सुबह 8.30 बजे श्रीमाधोपुर थाना पहुंची। वे पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में शहीद हो गए थे। शहीद के सम्मान में श्रीमाधोपुर थाने से पैतृक गांव कंचनपुर-जोरावरनगर की राठ़ौड़ों की ढाणी तक 11 किलोटमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा सुबह 11 बजे शुरू होगी। तिरंगा यात्रा श्रीमाधोपुर, कल्याणपुरा, कंचनपुर और जोरावरनगर होते हुए उनके पैतृक गांव पहुंचेगी। अंतिम दर्शनों के बाद, घर से 2 किलोमीटर दूर कंचनपुर गौशाला के पास स्थित मोक्ष धाम में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। 17 कॉर्प्स सिलीगुड़ी बागडोगरा में तैनात थे शहीद के रिश्तेदार चतर सिंह राठौड़ ने बताया- करणसिंह दिसंबर 2022 में भारतीय सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। वे 17 कॉर्प्स सिलीगुड़ी बागडोगरा में तैनात थे। 1 फरवरी की शाम को सिलीगुड़ी से आर्मी के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) ने फोन पर उनके निधन की सूचना दी थी। निधन के 3 घंटे पहले मां से फोन पर बात की थी करणसिंह ने निधन से लगभग तीन घंटे पहले अपनी मां मुकेश कंवर से फोन पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि वे ड्यूटी करके आए हैं और अब खाना खाएंगे। इसके तीन घंटे बाद शहादत की खबर सुनकर परिवार स्तब्ध रह गया। हालांकि, परिवार को अभी तक उनके निधन के कारण की जानकारी नहीं है। सेना से जुड़ा परिवार, पिता 10 साल पहले रिटायर हुए करणसिंह का पूरा परिवार देश सेवा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता दयाल सिंह राठौड़ करीब 10 साल पहले सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। करणसिंह के दोनों चाचा भी सेना में हैं। उनकी बड़ी बहन निकिता कंवर सीमा सुरक्षा बल में हैं। करणसिंह अविवाहित थे। ….. ये खबर भी पढ़ें… राजस्थान का अग्निवीर पश्चिम बंगाल में शहीद:3 घंटे पहले मां से फोन पर बात की थी; बोले- ड्यूटी से आया हूं, अब खाना खाऊंगा
राजस्थान के अग्निवीर करणसिंह राठौड़ (22) पश्चिम बंगाल में शहीद हो गए। वे सीकर के श्रीमाधोपुर के कंचनपुर-जोरावरनगर गांव के रहने वाले थे। (पूरी खबर पढ़ें…)

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