खरगोन | खोना वाले बाबा श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में नगरगौरव मुनिराज श्री साक्ष्यसागर और मुनि निवृत्तसागर जी के मंगल सानिध्य में कर्मदहन विधान सानंद सम्पन्न हुआ। विधान का निर्देशन बाबई से आए अभिषेक भैया जी ने किया। विधान के दौरान मुनि निवृत्तसागर ने कहा कि सम्यकदृष्टि जीव हर विषय में प्रभु का चिंतन करता है। मिथ्यादृष्टि जीव भोगों के चिंतन में लिप्त रहता है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने आज के विधान में शामिल होकर महान पुण्य अर्जित किया है, वे निश्चित रूप से कर्मों का क्षय कर सदमार्ग का प्रसार करेंगे। मुनि साक्ष्यसागर ने विधान का महत्व बताते हुए कहा कि अच्छे कर्म से ही पुण्य का अर्जन होता है। यही पुण्य संरक्षित होकर मोक्ष की राह प्रशस्त करता है। उन्होंने कहा कि एक समय में एक ही कार्य संभव है। इसलिए श्रावक को निर्विकल्प होकर साधना और कर्तव्य में लगना चाहिए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्मलाभ प्राप्त किया।


