भास्कर न्यूज | धमतरी शहर से करीब 8 किमी दूर अछोटा गांव है, जहां लंबे समय से शासकीय जमीन पर अवैध कब्जा और जमीन आबंटन को लेकर विवाद चल रहा था। इस मुद्दे को सुलझाने प्रशासनिक टीम 9 जनवरी को गांव पहुंचा। गहमा-गहमी के बीच करीब 7 घंटे तक सीमांकन की प्रक्रिया पूरी हुई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीएसपी अभिषेक चतुर्वेदी भी पूरे समय उपस्थित रहे। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय के चलते स्थिति तनावपूर्ण होने से बची रही। अछोटा में खसरा नंबर 488/1 और 488/2, जिनका रकबा क्रमशः 1.68 हेक्टेयर और 0.70 हेक्टेयर के साथ-साथ अछोटा और भोयना गांव की सीमा का सीमांकन नायब तहसीलदार दुर्गेश सिंह की निगरानी में किया गया। यह कार्य सुबह 11 बजे शुरू होकर देर शाम 5 बजे तक चला। अधिकारियों ने पुष्टि की कि ये भूमि अछोटा की शासकीय और आबादी क्षेत्र से संबंधित है। इस भूमि पर अवैध कब्जे और आबंटन के चलते विवाद था, जिसके समाधान के लिए ग्राम विकास समिति, जनपद सदस्य कैलाश देवांगन, और सरपंच संतोषी ढीमर समेत कई ग्रामवासियों ने एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था। आरोप: 5 एकड़ जमीन 30 ग्रामीणों को आबंटित : ग्राम समिति ने आरोप लगाया कि दीनदयाल आवास योजना के तहत आरक्षित भूमि को आबादी क्षेत्र घोषित कर दिया गया। पूर्व सरपंच और पूर्व उप सरपंच पर आरोप है कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने 5 एकड़ के क्षेत्र में लगभग 30 लोगों को जमीन का आबंटन कर दिया था। इसके अलावा, जमीन का अवैध तरीके से बाहरी व्यक्तियों को आवंटन किए जाने और पैसों के लेन-देन के भी आरोप लगाए गए। इस तरह के अनियमितताओं से गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। सीमांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नायब तहसीलदार ने आवेदकों को एसडीएम कार्यालय जाकर सीमांकित भूमि की कागजों की कॉपी लेने कहा। इस मौके पर जनपद सदस्य कैलाश देवांगन, सरपंच संतोषी ढीमर, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष दिनेश सेन, सचिव योगेंद्र देवांगन, भोयना सरपंच पारथी ध्रुव समेत ग्रामीण मौजूद रहे। बीते साल 9 सितंबर 2025 को इसी विवाद को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुआ था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के पूर्व सरपंच और उप सरपंच के खिलाफ कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताई थी। करीब 300 भाजपाइयों ने भाजपा कार्यालय धमतरी में प्रदर्शन कर पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद पार्टी के नेताओं ने अछोटा पहुंचकर कार्यकर्ताओं को कार्रवाई का आश्वासन दिया था।


