अजमेर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 11 करोड़ की लागत से बनाए गए सेवन वंडर को तोड़ा जा रहा है। दैनिक भास्कर ने मामले की पड़ताल की। सामने आया कि प्रोजेक्ट में शुरुआत से ही लापरवाही बरती गई। स्वीकृति मिलने से पांच महीने पहले टेंडर जारी कर काम शुरू कर दिया। एक्स्ट्रा काम के नाम पर वर्क ऑर्डर से ज्यादा पेमेंट किया। एडीए से जमीन की एनओसी भी बाद में ली गई। प्रोजेक्ट की मूल फाइल तक गुम हो गई है। आज तक कोर्ट में पेश नहीं कर पाए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 16 जुलाई 2021 को मिली थी हरी झंडी स्वीकृति मिलने के 5 महीने पहले शुरू हो गया था काम
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की ओर से 10 जनवरी 2023 को वर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें कार्य की शुरुआत की तारीख 21 फरवरी 2021 बताई है। यानी 16 जुलाई 2021 को स्वीकृति मिलने से 5 महीने पहले। कार्य पूरा करने की तिथि 20 फरवरी 2022, लेकिन कार्य पूरा 29 मार्च 2022 को पूरा होना बताया। 18 दिसम्बर 2020 को ही हो गया था टेंडर
अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से 18 दिसम्बर 2020 को ही इसका टेंडर जारी कर दिया गया था। इसकी तकनीकी बिड 25 जनवरी 2021 को खोल दी गई। बाद में मै. निरानिया कंस्ट्रक्शन कंपनी जयपुर को 8 करोड़ 95 लाख 88 हजार 990 रुपए का कार्यादेश जारी कर दिया गया था। एक्स्ट्रा काम दिखाकर वैल्यू बढ़ाई
भले ही टेंडर नौ करोड़ से भी कम राशि में हुआ। बाद में एक्स्ट्रा काम दिखाकर इसके भुगतान करीब 11 करोड़ 65 लाख 18 हजार 312 रुपए की स्वीकृति चेयरमैन से ली गई। मूल फाइल ही गुम हुई
अजमेर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अफसरों ने 26 जुलाई 2022 को इस प्रोजेक्ट की फाइल को गुम होना बताया। याचिकाकर्ता अशोक मलिक ने बताया कि आज तक सुप्रीम कोर्ट में अफसर मूल फाइल पेश नहीं कर सके हैं। …तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा-याचिकाकर्ता अशोक मलिक ने कहा- सेवन वंडर के टेंडर पहले ही जारी हो गए। स्वीकृति बाद में जारी की। अफसरों को सूचित कर दिया था कि ये वेटलैंड क्षेत्र है, लिहाजा यहां निर्माण नहीं किया जाए। लेकिन कोई सुनवाई नहीं की। भुगतान भी ज्यादा कर दिया। कोर्ट में फाइल पेश नहीं की और गुम कर दी। जो जिम्मेदार अफसर हैं, उनके खिलाफ सरकार कार्रवाई करे। अगर सरकार कार्रवाई नहीं करती है तो मुझे कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पडे़गा। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। एडीए की बिना एनओसी कर दिया था निर्माण
अजमेर में सेवन वंडर का निर्माण कार्य करने के लिए अजमेर विकास प्राधिकरण की ओर से अनापत्ति प्रमाण पत्र 14 फरवरी 2022 को जारी किया गया। प्राधिकरण के तत्कालीन सचिव किशोर कुमार की ओर से जारी पत्र में बताया-स्मार्ट सिटी की ओर से 24 अगस्त 2021 के पत्र में रीजनल कॉलेज के सामने स्थित अजमेर थोक तेलियान के खसरा नम्बरान में थीम आधारित पार्क / पब्लिक स्पेस विकसित करने के लिए अनापत्ति चाही गई थी, लेकिन निर्माण एनओसी मिलने से पहले ही शुरू कर दिया गया। सेवन वंडर के कार्य की शुरुआत 21 फरवरी 2021 की गई। कार्य पूरा करने की तिथि 20 फरवरी 2022 थी, लेकिन कार्य पूरा 29 मार्च 2022 को हुआ। 4 अगस्त को सुनवाई हुई थी, नई डेट तय नहीं
आनासागर वेटलैंड और ग्रीन बेल्ट में हुए निर्माण कार्य को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। 4 अगस्त को सुनवाई की डेट थी, लेकिन केस लिस्टेड नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अगली डेट भी नहीं दी गई है।
अब तक हुई सुनवाई के बाद कोर्ट के आदेश पर फूड कोर्ट पहले ही ध्वस्त कर दिया गया था। सेवन वंडर के 17 सितम्बर की डेड लाइन है। इसे तोड़ना शुरू कर दिया है।
आगामी दिनों में होने वाली सुनवाई में वेटलैंड में करीब 39 करोड़ रुपए खर्च कर बनाए गए पाथवे, ग्रीन बेल्ट में बने आजाद पार्क व गांधी पार्क में हुए निर्माण काे लेकर सुनवाई होनी है। यूडीएच मंत्री ने कहा था- जांच कर कार्रवाई करेंगे
8 अप्रैल 2025 को यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा अजमेर आए और यहां अजमेर दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 142 लाख रुपए की लागत से बनाए गए पार्क का लोकार्पण और 10 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़क के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस दौरान सेवन वंडर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा था कि निर्माण गलत हुआ है तो फिर जिस कालखंड में यह काम हुआ, उस कालखंड में कब कैसे किसके प्रस्ताव से काम हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच करके आगे की कार्रवाई करेंगे। तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुभारंभ किया
देश के 100 शहरों को साल 2016 में स्मार्ट सिटी में अजमेर का चयन किया गया। अजमेर में स्मार्ट प्रोजेक्ट के तहत आनासागर झील के किनारे लगभग एक हेक्टेयर जमीन पर सेवन वंडर तैयार किया गया। इसके निर्माण में करीब 11 करोड़ की लागत आई थी। सेवन वंडर का 13 अगस्त 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुभारंभ किया था। — सेवन वंडर से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए…. अजमेर में बने 7 अजूबों पर चला बुलडोजर:12 करोड़ की लागत से बने थे, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एक्शन अजमेर के आनासागर वेटलैंड एरिया में बने सेवन वंडर्स को आज से तोड़ा जा रहा है। कोर्ट में दिए हलफनामे में जिला प्रशासन ने इन्हें 17 सितंबर तक तोड़ने की जानकारी दी थी। डेडलाइन से पहले इन्हें तोड़ने की शुरुआत हुई है। पूरी खबर पढे़ं सेवन वंडर तोड़ने की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी:कोलोसियम ध्वस्त, क्राइस्ट द रिडिमर प्रतिमा हटाई; एफिल टावर खोला, मिश्र का पिरामिड तोड़ा जा रहा अजमेर के आनासागर वेटलैंड एरिया में बने सेवन वंडर्स को तोड़ने की कार्रवाई दूसरे दिन भी जारी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रहा है। पूरी खबर पढे़ं अजमेर के सेवन वंडर में ताजमहल को तोड़ना शुरू:एफिल टावर को कटिंग जारी, पीसा की झुकी हुई मीनार को तोड़ना बाकी
अजमेर में स्मार्ट सिटी के तहत करोड़ों खर्च कर बनाए गए सेवन वंडर को तोड़ने के लिए कार्रवाई तीसरे दिन भी जारी है। रात को ताजमहल को तोड़ना शुरू कर दिया है। अब पीसा की झुकी हुई मीनार को तोड़ना बाकी है। पूरी खबर पढें


