ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के 2 सदस्यों को साइबर पुलिस की टीम ने गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से 4 मोबाइल, अलग अलग बैंकों के 3 एटीएम, एक कार, 31 हजार 300 रुपए नकद बरामद किए हैं। मामले की जांच आरपीएस हनुमान सिंह को सौंपी है। सोशल मीडिया पर विज्ञापन के जरिए ठगी पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा ने बताया- ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट के नाम से फेसबुक, इंस्टाग्राम पर विज्ञापन पोस्ट कर परिवादियों को झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। राज्य स्तर पर संचालित ऑपरेशन साइबर शील्ड के अन्तर्गत प्रतिबिम्ब पोर्टल पर माह जनवरी 2025 की संदिग्ध नम्बरों की सूची दर्ज है। इसमें मोबाइल नम्बर के विरुद्ध महाराष्ट्र व उत्तरप्रदेश से प्राप्त शिकायत के आधार पर मोबाइल नम्बर की जांच में पाया कि यह अजमेर में संचालन किया जा रहा है। कार में लगा रखा सेटअप मौके पर साइबर अपराध थाने की टीम पहुंची, जहां दो संदिग्ध शख्स हुंडई-वेन्यू कार में काले रंग के बैग को खोलकर उसमें रखे हुए मोबाइलों का संचालन कर रहे थे। संदिग्ध अवस्था में पाये जाने पर उनका नाम, पता पूछकर कार व बैग की तलाशी ली गई। तलाशी में चार मोबाइल मिलें, जिनको चैक करने पर मोबाइलों में अत्यधिक यूजर आईडी के साथ वॉट्सऐप, फेसबुक, प्लस टेलीग्राम ऐप इंस्टॉल पाए। जिसमें विभिन्न लोगो से इन्वेस्टमेंट करवाने के नाम से ग्रुप बने हुए थे। जिनके माध्यम से दोनों संदिग्ध विनोद मीना एवं कालू राम मीना उर्फ सुमित साइबर ठगी संबंधी विज्ञापन पोस्ट करके यूपीआई/क्यूआर काेड के माध्यम से लोगो से इन्वेस्टमेंट राशि फ्रॉड बैंक खातों में डलवा कर उन्हें ठगते थे। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच आरपीएस हनुमान सिंह को सौंपी है। इनको किया गिरफ्तार पढें ये खबर भी… सहायक अभियोजन अधिकारी (प्री) एग्जाम में 35% उपस्थिति:चेकिंग के बाद एक घंटे पहले मिली एन्ट्री राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा सहायक अभियोजन अधिकारी (प्रारंभिक) प्रतियोगी परीक्षा-2024 का आयोजन रविवार को किया गया। अजमेर व जयपुर में 100 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर होने वाली इस परीक्षा के लिए 51 हजार 451 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 18 हजार 139 उपस्थित हुए। पूरी खबर पढ़ने के लिए करें क्लिक


