अजमेर में किन्नरों का 10 दिवसीय महासम्मेलन:16 फरवरी से होगी शुरुआत, कलेक्टर-एसपी से मुलाकात कर प्रोग्राम की जानकारी दी

देशभर के किन्नरों का 10 दिवसीय महासम्मेलन 16 से 26 फरवरी तक अजमेर में होगा। वैशाली नगर की एक निजी स्कूल में होने वाले इस महासम्मेलन में देशभर से 4 हजार से ज्यादा किन्नर आएंगे। सोमवार को किन्नर समाज की ओर से अजमेर जिला कलेक्टर लोकबंधु और पुलिस अधीक्षक वंदिता राणा से मुलाकात कार्यक्रम की जानकारी दी गई। अजमेर गादीपति सलौनी उर्फ बिजली बाई ने कहा कि आयोजन शुरू होने से एक दिन पहले 15 फरवरी को आयोजन स्थल पर किन्नरों की कुलदेवी बहुचरा माता के निमित्त हवन होगा। पूर्व गादीपति की याद में होगा आयोजन हिंगलाज माता के अवतार के रूप में पूजी जाने वाली बहुचरा माता का मंदिर गुजरात के मेहसाणा में है। किन्नर समाज की ओर से बजरंगगढ़ स्थित अंबे माता मंदिर पर सवा किलो चांदी का खास छत्र चढ़ाया जाएगा। किन्नर आयोजन स्थल से बैंड-बाजों, ढोल-धमाकों के साथ नाचते गाते मंदिर पहुंचेंगे। यहां विधि-विधान से छत्र, कलश, ध्वजा चढ़ाएंगे। बिजली बाई ने बताया कि यह महासम्मेलन अजमेर की दिवंगत गादीपति अनिता बाई की याद में हो रहा है। 17 को खिचड़ी तुलाई, 21 को निकालेंगे कलश यात्रा बिजली बाई ने कहा कि 16 फरवरी को पहले दिन किन्नरों का आगमन होगा। आयोजन स्थल पर ही आवास, भोजन आदि की सुविधा रहेगी। देश के लगभग सभी राज्यों से किन्नर जुटेंगे। महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी सहित देश की अन्य किन्नर हस्तियों को महासम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया है। हाल ही में किन्नर अखाड़े में शामिल हुई ममता कुलकर्णी को भी न्योता दिया जा रहा है। महासम्मेलन के दौरान 17 फरवरी को खिचड़ी तुलाई की रस्म होगी। किन्नरों की संख्या के आधार पर तराजू से दाल-चावल और घी-बूरा तोलकर उसकी खिचड़ी बनाई जाएगी। भोग लगाने के बाद सभी किन्नर इस दिन खिचड़ी का सेवन करेंगे। राजस्थानी संस्कृति को किया जाएगा प्रमोट संध्या बाई ने बताया कि 18 फरवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें राजस्थानी कल्चर को प्रमोट किया जाएगा। कालबेलिया, चरी सहित अन्य नृत्य होंगे। किन्नर महासम्मेलन के दौरान राजस्थानी फूड को भी प्रमोट किया जाएगा। दाल-बाटी चूरमा, बाजरे का खीचड़ा, गट्टे की सब्जी, केर-सांगरी, पंचरत्न दाल, पापड़ का साग, कढ़ी-कचौड़ी सहित अन्य राजस्थानी व्यंजन महासम्मेलन के दौरान सुबह, दोपहर और शाम के भोज का हिस्सा होंगे। 19 से 20 फरवरी यानी दो दिनों तक चाक-भात की रस्म होगी। 21 को निकलेगी भव्य कलश यात्रा किन्नर समाज में आपस में सभी एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं। इनमें बहन, माता, चाची, ताई, मामी, बुआ आदि जो भी नए रिश्ते बनेंगे, वो मायरा भरेंगे। 21 फरवरी को किन्नर समाज की ओर से शहर के मुख्य मार्गों से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी। 22 फरवरी को किन्नरों की ओर से शहर के गणमान्य लोगों का सम्मान होगा, जबकि 23 से 26 फरवरी के दौरान समाज के विकास पर चर्चा होगी।

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